जगदीशपुर में होगी मोहन कैबिनेट की आठवीं डेस्टिनेशन बैठक, ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ेगा सुशासन
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में राज्य मंत्रिमंडल की आठवीं डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक 19 जुलाई को भोपाल के निकट स्थित ऐतिहासिक ग्राम जगदीशपुर में आयोजित होने जा रही है। प्राचीन महल और स्मारकों से समृद्ध इस स्थल पर होने वाली यह बैठक सुशासन को ऐतिहासिक धरोहर से जोड़ने की अनूठी पहल का हिस्सा है।
डेस्टिनेशन कैबिनेट की अवधारणा
मोहन यादव के मुख्यमंत्री पद संभालने को ढाई वर्ष हो चुके हैं। इस अवधि में उन्होंने शासन को राजधानी की चारदीवारी से बाहर निकालने का नवाचार शुरू किया। डेस्टिनेशन कैबिनेट की अवधारणा के तहत जनकल्याण से जुड़े नीतिगत निर्णय अब प्रदेश के सुदूर अंचलों और ऐतिहासिक स्थलों पर लिए जा रहे हैं। यह पहल राजधानी-केंद्रित प्रशासन की परंपरागत सोच से एक स्पष्ट बदलाव है।
अब तक की बैठकों का क्रम
अब तक भोपाल के अतिरिक्त जबलपुर, दमोह, खरगोन, नर्मदापुरम, छतरपुर और बड़वानी जिलों में मंत्रिपरिषद की बैठकें आयोजित हो चुकी हैं। महेश्वर, सिंग्रामपुर और इंदौर के राजवाड़ा में हुई बैठकों ने इन पर्यटन स्थलों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई। विशेष रूप से विश्व धरोहर स्थल खजुराहो, जो छतरपुर जिले में स्थित है, में हुई बैठक ने अंतरराष्ट्रीय महत्व के स्थल को शासन के केंद्र में लाया।
जगदीशपुर का ऐतिहासिक महत्व
जगदीशपुर भोपाल से लगा हुआ एक ऐसा ग्राम है जहाँ प्राचीन महल और स्मारक विद्यमान हैं। इस स्थल पर कैबिनेट बैठक आयोजित करने से प्रदेश की पुरा संपदा के प्रति आमजन की जानकारी बढ़ेगी और ऐसे उपेक्षित धरोहर स्थलों का महत्व भी रेखांकित होगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की पहल भविष्य में इन स्थलों को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने में सहायक हो सकती है।
आगे की योजना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सामान्य कैबिनेट के साथ-साथ कृषि कैबिनेट भी प्रदेश के प्रत्येक अंचल में आयोजित करने का निर्णय लिया है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी एक कैबिनेट बैठक प्रस्तावित है। इस नवाचार से जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों का प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से सीधा संपर्क भी सुगम हुआ है, जिससे ग्राम स्तर तक जनकल्याण के निर्णय पहुँच रहे हैं।