₹25 लाख इनामी नक्सल कमांडर अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार, 240 से अधिक मामलों में था वांछित
सारांश
मुख्य बातें
गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ कोबरा-209 बटालियन ने 17 जुलाई 2026 को एक संयुक्त नक्सल-विरोधी अभियान में प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) के शीर्ष कमांडर अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया। ₹25 लाख के इनामी इस नक्सली पर झारखंड के विभिन्न जिलों में 240 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, आईईडी विस्फोट और सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमले शामिल हैं।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि 17 जुलाई को खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह ओपी अंतर्गत जंगलों में नक्सली गतिविधियों की सूचना मिली। तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने ग्राम पिपराडीह के खवासटांड़ टोला स्थित घने जंगलों की घेराबंदी की, जहाँ से अजय महतो को दबोचा गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब झारखंड में नक्सल-विरोधी अभियान को नई तेज़ी मिली है और सुरक्षाबल माओवादी नेटवर्क की कमर तोड़ने पर केंद्रित हैं।
अजय महतो की आपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, अजय महतो वर्ष 2005 से भाकपा (माओवादी) संगठन में सक्रिय था। संगठन में उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में लेवी वसूली, हथियार और विस्फोटक जुटाना तथा बड़ी हिंसक घटनाओं की योजना बनाना शामिल था।
वह पारसनाथ, सारंडा और लुगू पहाड़ जैसे नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय तक सक्रिय रहा। अकेले गिरिडीह जिले में उसके खिलाफ 68 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़ और सरायकेला सहित अनेक जिलों में भी उसके विरुद्ध मुकदमे लंबित हैं।
सुरक्षाबलों पर असर
एसपी डॉ. विमल कुमार के अनुसार, अजय महतो पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में लोगों की हत्या, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला, आईईडी विस्फोट और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने जैसी गंभीर घटनाओं में संलिप्तता का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से माओवादी संगठन के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गौरतलब है कि SAC स्तर के कमांडरों की गिरफ्तारी दुर्लभ होती है और इससे माओवादियों की स्थानीय संरचना कमज़ोर होती है।
झारखंड को नक्सल मुक्त करने की मुहिम
यह कार्रवाई झारखंड को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। सुरक्षाबल लगातार नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं ताकि हिंसक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
गिरिडीह पुलिस ने नक्सली संगठन से जुड़े लोगों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। आने वाले दिनों में अजय महतो से पूछताछ के आधार पर माओवादी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की कोशिश की जाएगी।