17 जुलाई 2026
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गिरिडीह में ₹25 लाख इनामी माओवादी अजय महतो 'टाइगर' गिरफ्तार, 100 से अधिक मामलों में था वांछित

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गिरिडीह में ₹25 लाख इनामी माओवादी अजय महतो 'टाइगर' गिरफ्तार, 100 से अधिक मामलों में था वांछित

सारांश

झारखंड के गिरिडीह में सुरक्षा बलों ने ₹25 लाख के इनामी माओवादी अजय महतो 'टाइगर' को गिरफ्तार किया — जिस पर 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और जो ₹1 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी बताया जाता है। यह गिरफ्तारी पारसनाथ क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।

मुख्य बातें

गिरिडीह पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने 17 जुलाई 2026 को ₹25 लाख के इनामी माओवादी अजय महतो उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया।
आरोपी पर गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के थानों में हत्या, आईईडी विस्फोट और रंगदारी सहित 100 से अधिक मामले दर्ज हैं।
अजय महतो ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी और भाकपा माओवादी की स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का सदस्य था।
वर्ष 2012 में मधुबन में पीसी शर्मा की हत्या के मामले में भी आरोपी का नाम सामने आया था।
गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद; पूछताछ जारी।

झारखंड के गिरिडीह में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गिरिडीह पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने 17 जुलाई 2026 को प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के ₹25 लाख के इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार कर लिया। संगठन की स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का सदस्य अजय महतो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि अजय महतो गिरिडीह के जंगलों से निकलकर मैदानी इलाके की ओर आ रहा है। इस सूचना के आधार पर संयुक्त सुरक्षा दल ने हरलाडीह क्षेत्र में घेराबंदी कर अभियान चलाया और उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए।

आरोपी की पृष्ठभूमि और आपराधिक रिकॉर्ड

अजय महतो गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का मूल निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग समेत कई जिलों के थानों में हत्या, पुलिस व सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला, सरकारी संपत्तियों को नुकसान, आईईडी विस्फोट, रंगदारी वसूली और नक्सली संगठन के विस्तार से जुड़े 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। झारखंड सरकार पहले ही यूएपीए (UAPA) समेत अन्य गंभीर धाराओं में उसके अभियोजन की मंजूरी दे चुकी है।

माओवादी नेटवर्क से संबंध

जांच एजेंसियों के मुताबिक, अजय महतो माओवादी संगठन के शीर्ष नेता और ₹1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। पारसनाथ क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों के संचालन और लेवी नेटवर्क को मजबूत करने में उसकी अहम भूमिका बताई जाती है। वह गिरिडीह और बोकारो के कोयलांचल क्षेत्र में सड़क निर्माण एजेंसियों, क्रशर संचालकों और अन्य कारोबारियों से रंगदारी वसूलने वाले नेटवर्क का संचालन करता था।

गौरतलब है कि अजय महतो का नाम वर्ष 2012 में मधुबन स्थित भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के तत्कालीन महाप्रबंधक पीसी शर्मा की हत्या के चर्चित मामले में भी सामने आया था, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।

आगे की जांच

फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियों को उससे माओवादी संगठन के नेटवर्क, अन्य सक्रिय सदस्यों और हथियारों के ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा बलों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से पारसनाथ क्षेत्र में सक्रिय माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह झारखंड में माओवादी संगठन की गहरी जड़ों का भी प्रमाण है — एक व्यक्ति पर 100 से अधिक मामले और दशकों तक फरारी यह दर्शाता है कि खुफिया तंत्र और स्थानीय निगरानी में पहले कहाँ चूक हुई। पारसनाथ जैसे धार्मिक-पर्यटन क्षेत्र में लेवी नेटवर्क का संचालन यह भी बताता है कि माओवादी संगठन अब केवल वनक्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। असली परीक्षा यह है कि पूछताछ से मिली जानकारी का उपयोग कर सुरक्षा बल मिसिर बेसरा जैसे शीर्ष नेताओं तक कितनी जल्दी पहुँच पाते हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय महतो उर्फ 'टाइगर' कौन है और उसे कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन की स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का सदस्य है, जिस पर झारखंड सरकार ने ₹25 लाख का इनाम घोषित किया था। उसे 17 जुलाई 2026 को गिरिडीह के हरलाडीह क्षेत्र में संयुक्त सुरक्षा अभियान में गिरफ्तार किया गया।
अजय महतो पर कितने और किस तरह के आपराधिक मामले दर्ज हैं?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अजय महतो पर गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के विभिन्न थानों में हत्या, पुलिस व सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला, आईईडी विस्फोट, रंगदारी वसूली और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने सहित 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। झारखंड सरकार पहले ही UAPA समेत गंभीर धाराओं में उसके अभियोजन की मंजूरी दे चुकी है।
अजय महतो का माओवादी नेता मिसिर बेसरा से क्या संबंध है?
अजय महतो माओवादी संगठन के शीर्ष नेता और ₹1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। वह पारसनाथ क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों के संचालन और लेवी नेटवर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता था।
2012 में मधुबन हत्याकांड में अजय महतो की क्या भूमिका बताई जाती है?
वर्ष 2012 में मधुबन स्थित भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के तत्कालीन महाप्रबंधक पीसी शर्मा की हत्या के मामले में अजय महतो का नाम सामने आया था। इस मामले में वह लंबे समय से फरार था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार अभियान चला रही थी।
इस गिरफ्तारी से माओवादी नेटवर्क पर क्या असर पड़ेगा?
सुरक्षा बलों का मानना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से पारसनाथ क्षेत्र में सक्रिय माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियों को संगठन के नेटवर्क, अन्य सक्रिय सदस्यों और हथियारों के ठिकानों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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