लातेहार में 'ड्रैगन-228' ऑपरेशन: AK-47 समेत भारी हथियारों के साथ JJMP के दो नक्सली गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के लातेहार जिले में पुलिस ने 6 मई 2025 को प्रतिबंधित नक्सली संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) के खिलाफ चलाए गए 'स्पेशल ऑपरेशन ड्रैगन-228' में बड़ी सफलता हासिल की। मनिका थाना क्षेत्र के कुरुमखेता जंगल में छापेमारी कर दो सक्रिय उग्रवादियों को एक AK-47 राइफल सहित भारी हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया गया। मुख्य सरगना शंकर राम कथित तौर पर जंगल की आड़ में फरार होने में सफल रहा।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
लातेहार एसपी कुमार गौरव ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 4 मई को गुप्त सूचना मिली थी कि JJMP के कुख्यात उग्रवादी शंकर राम का दस्ता कुरुमखेता जंगल में सक्रिय है। इसी सूचना के आधार पर एसपी के निर्देश पर 'स्पेशल ऑपरेशन ड्रैगन-228' शुरू किया गया। जैसे ही पुलिस की संयुक्त टीम जंगल में पहुँची, उग्रवादी भागने लगे, लेकिन जवानों ने तत्काल घेराबंदी कर दो उग्रवादियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान
पकड़े गए उग्रवादियों की पहचान मनोज लोहरा (निवासी पांकी, पलामू) और महादेव सिंह (निवासी सिमरियाटांड, लातेहार) के रूप में हुई है। दोनों JJMP के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। एसपी गौरव के अनुसार, पकड़े गए उग्रवादी किसी बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
बरामद हथियार और उपकरण
गिरफ्तार उग्रवादियों की निशानदेही पर पुलिस ने झाड़ियों में छिपाए गए हथियारों का भारी जखीरा बरामद किया। बरामदगी में शामिल हैं:
- एक AK-47 राइफल
- दो SLR राइफलें
- 9 मैगजीन और 318 राउंड जिंदा गोलियाँ
- दो वॉकी-टॉकी, दो वाई-फाई राउटर
- पाँच मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड
जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जाँच जारी है ताकि संगठन के नेटवर्क और आगामी योजनाओं का खुलासा किया जा सके।
कानूनी कार्रवाई और आगे की स्थिति
इस मामले में मनिका थाना में आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फरार मुख्य सरगना शंकर राम की गिरफ्तारी के लिए इलाके में सघन तलाशी अभियान जारी है। गौरतलब है कि लातेहार जिला लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा है और यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों की बढ़ती सक्रियता का संकेत देता है।
विशेषज्ञ और प्रशासनिक दृष्टिकोण
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों की बरामदगी यह दर्शाती है कि JJMP अभी भी बड़े हमलों की क्षमता रखता है। वॉकी-टॉकी और वाई-फाई राउटर जैसे संचार उपकरणों की जब्ती से संगठन के संचार नेटवर्क को समझने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में तकनीकी जाँच से और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।