क्या छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ ने नक्सलियों के हथियार फैक्ट्री और ठिकाने को ध्वस्त किया?
सारांश
Key Takeaways
- सीआरपीएफ ने नक्सलियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया।
- महत्वपूर्ण हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए।
- नक्सल गतिविधियों को रोकने में यह ऑपरेशन महत्वपूर्ण है।
सुकमा, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर 150 बटालियन सीआरपीएफ ने शनिवार को मीनागट्टा गांव में सर्च एंड कॉर्डन ऑपरेशन (सीएएसओ) प्रारंभ किया। सीआरपीएफ ने सोमवार को इस मामले की जानकारी साझा की।
कमांडेंट के निर्देशन में सहायक कमांडेंट रौशन झा और अजय कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने घने जंगलों के बीच एक बड़े नक्सली ठिकाने तथा संदिग्ध राइफल फैक्ट्री का पर्दाफाश किया।
इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार, उपकरण और विस्फोटक सामग्री बरामद की। इनमें आठ सिंगल शॉट राइफलें, आठ वीएचएफ सेट, वेल्डिंग और कटिंग मशीनें, भारी मात्रा में आईईडी बनाने में उपयोग होने वाला सामान, एएनएफओ, कॉर्डेक्स, डेटोनेटर, नक्सली वर्दी और माओवादी साहित्य शामिल हैं। भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी से संकेत मिलता है कि यह ठिकाना नक्सलियों के हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने की महत्वपूर्ण गतिविधियों का मुख्य केंद्र था।
इस ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अंजाम दिया गया। घने और दुर्गम जंगलों के बीच पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए जवानों ने ठिकाने को नष्ट किया और सुरक्षित एफओबी पलागुड़ा लौट आए। इस ऑपरेशन के माध्यम से सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की एक बड़ी योजना को नाकाम कर दिया।
सीआरपीएफ ने यह दोहराया है कि वह मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के अपने संकल्प पर दृढ़ है। सुरक्षा बलों का मानना है कि हथियार निर्माण और आईईडी तैयार करने वाले ठिकानों को ध्वस्त करने से नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।