12 जुलाई 2026
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झारखंड: लातेहार में 5 लाख के इनामी नक्सली टाइगर ने किया आत्मसमर्पण

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झारखंड: लातेहार में 5 लाख के इनामी नक्सली टाइगर ने किया आत्मसमर्पण

सारांश

झारखंड के लातेहार में, नक्सली कमांडर सुरेंद्र लोहरा उर्फ 'टाइगर' ने 5 लाख के इनाम के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। यह घटना नक्सल विरोधी अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता है।

मुख्य बातें

सुरेंद्र लोहरा ने आत्मसमर्पण कर नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
आत्मसमर्पण कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
राज्य सरकार की 'नई दिशा' नीति ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
अब तक 28 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
सरकार ने आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास लाभ देने की योजना बनाई है।

लातेहार, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के लातेहार जिले में नक्सल विरोधी अभियान को गुरुवार को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई, जब प्रतिबंधित नक्सली संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद के सब-जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा उर्फ ‘टाइगर’ ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली टाइगर ने पलामू के आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा और लातेहार के एसपी कुमार गौरव के समक्ष आधिकारिक रूप से हथियार डाल दिए।

मूलत: लातेहार सदर थाना क्षेत्र के मांजर गांव के निवासी सुरेंद्र लोहरा पिछले दो दशकों से विभिन्न नक्सली संगठनों में सक्रिय थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ जिले के कई थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।

आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 'नई दिशा' के तहत नक्सली अब हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "सुरेंद्र लोहरा को आत्मसमर्पण के बाद मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाओं और पुनर्वास लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।"

एसपी कुमार गौरव ने जानकारी दी कि उनके लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में अब तक 28 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि 5 लाख के इनामी कमांडर का आत्मसमर्पण जिले को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एसपी ने अन्य नक्सलियों से भी अपील की कि वे हिंसा छोड़कर सरकार की नीति का लाभ उठाएं, अन्यथा पुलिस की दमनकारी कार्रवाई का सामना करने को तैयार रहें। इस अवसर पर डीएसपी विनोद रवानी, इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी कृष्ण पाल सिंह पवैया समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेंद्र लोहरा कौन हैं?
सुरेंद्र लोहरा उर्फ 'टाइगर' झारखंड जनमुक्ति परिषद के सब-जोनल कमांडर हैं, जिन पर 5 लाख का इनाम था।
उन्होंने आत्मसमर्पण क्यों किया?
उन्होंने सरकार की पुनर्वास नीति 'नई दिशा' से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया।
क्या यह आत्मसमर्पण नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण है?
जी हां, यह आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता है।
सरकार ने आत्मसमर्पण के बाद क्या सुविधाएं दी हैं?
सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को विभिन्न सरकारी सुविधाएं और पुनर्वास लाभ प्रदान करती है।
नक्सलियों से क्या अपील की गई है?
पुलिस ने नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा छोड़कर सरकार की नीति का लाभ उठाएं।
राष्ट्र प्रेस
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