क्या अमित शाह ने हजारीबाग में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को सराहा?

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क्या अमित शाह ने हजारीबाग में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को सराहा?

सारांश

झारखंड के हजारीबाग में सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ एक और बड़ी सफलता प्राप्त की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को एंटी नक्सल ऑपरेशन की बड़ी जीत बताया है। जानिए इस अभियान की पूरी कहानी और नक्सलवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में।

मुख्य बातें

सुरक्षा बलों ने हजारीबाग में नक्सलियों के खिलाफ सफल ऑपरेशन चलाया।
कुख्यात नक्सली कमांडर सहदेव सोरेन को मार गिराया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे बड़ी सफलता बताया।
राज्य में औसतन हर महीने तीन नक्सली मुठभेड़ें होती हैं।
झारखंड पुलिस का नक्सल मुक्त अभियान मार्च 2026 तक जारी रहेगा।

नई दिल्ली, 15 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग जिले में सोमवार सुबह सुरक्षा बलों को नक्सलवाद के खिलाफ एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम ने एक सामूहिक अभियान में कुख्यात नक्सली कमांडर सहदेव सोरेन उर्फ परवेश समेत कुल तीन नक्सलियों को नाश कर दिया। सहदेव पर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को एंटी नक्सल ऑपरेशन में एक बड़ी सफलता माना।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "आज झारखंड के हजारीबाग में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की जॉइंट टीम को एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिली है। इस अभियान में 1 करोड़ रुपए का इनामी, कुख्यात नक्सली कमांडर सीसीएम सहदेव सोरेन उर्फ परवेश को ढेर कर दिया गया है। साथ ही, दो अन्य इनामी नक्सलियों- रघुनाथ हेम्ब्रम उर्फ चंचल और बिरसेन गांझू उर्फ रामखेलावन को भी सुरक्षा बलों ने मार गिराया।"

शाह ने आगे कहा कि इस ऑपरेशन के बाद उत्तरी झारखंड के बोकारो क्षेत्र से नक्सलवाद पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। जल्द ही पूरा देश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त होगा।

जानकारी के अनुसार, संयुक्त ऑपरेशन में मारे गए नक्सली सहदेव सोरेन पर 1 करोड़ रुपए का इनाम था। वहीं, अन्य दो नक्सलियों में 25 लाख रुपए का इनामी रघुनाथ हेम्ब्रम और 10 लाख रुपए का इनामी वीर सेन गांझू शामिल हैं। घटनास्थल से तीन एके-47 राइफल भी बरामद की गई।

नक्सलियों के खिलाफ अभियान में यह झारखंड पुलिस की दो दिन में दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले रविवार को पलामू के मनातू जंगल में सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी के बीच मुठभेड़ में 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली मुखदेव यादव को मार गिराया गया था।

झारखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में औसतन हर महीने तीन नक्सली मुठभेड़ों में मारे जा रहे हैं। फिलहाल राज्य में 100 से 150 माओवादी सक्रिय हैं। 58 नक्सली इनामी सूची में हैं, जिन पर कुल 5 करोड़ 46 लाख रुपए का इनाम रखा गया है।

झारखंड पुलिस और केंद्रीय बल मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत अभियान चला रहे हैं। इस अभियान के तहत जनवरी से अब तक 28 नक्सली मारे जा चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारत के कई क्षेत्रों में समस्या बना हुआ है। सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नक्सलवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश भेजती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह ऑपरेशन कब और कहाँ हुआ?
यह ऑपरेशन 15 सितंबर को झारखंड के हजारीबाग जिले में हुआ।
इस ऑपरेशन में कितने नक्सली मारे गए?
इस ऑपरेशन में कुल तीन नक्सली मारे गए।
अमित शाह ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
अमित शाह ने इसे एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी सफलता माना।
राज्य में नक्सलवाद से निपटने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
झारखंड पुलिस और केंद्रीय बल मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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