मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव का ऐलान, कपास को ड्यूटी फ्री करने की कोशिश, बुरहानपुर में उद्योगपतियों से संवाद

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मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव का ऐलान, कपास को ड्यूटी फ्री करने की कोशिश, बुरहानपुर में उद्योगपतियों से संवाद

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुरहानपुर में उद्योगपतियों से संवाद करते हुए कपास पर ड्यूटी समाप्त करने का संकल्प दोहराया। व्यापारी कल्याण बोर्ड, निमाड़ इन्वेस्टर्स समिट और 2025 को उद्योग वर्ष घोषित करना — ये तीन कदम मध्य प्रदेश में औद्योगिक माहौल बदलने की बड़ी कोशिश हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 6 मई 2025 को बुरहानपुर में उद्योगपतियों से संवाद किया।
राज्य सरकार कपास पर लगने वाली ड्यूटी समाप्त करने का प्रयास कर रही है।
कैबिनेट ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दी, जो जिला स्तर तक काम करेगा।
वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष और 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।
भविष्य में निमाड़ इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की घोषणा।
पश्चिमी आकलन के अनुसार प्राचीन भारत का वैश्विक व्यापार में योगदान 33% था, जो बाद में 3% तक गिर गया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 मई 2025 को बुरहानपुर के परमानंद गोविंदजीवाला सभागृह में उद्योगपतियों से संवाद करते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार कपास पर लगने वाली ड्यूटी समाप्त करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर परिस्थिति में व्यापारियों के साथ खड़ी है और प्रदेश में उद्योग व रोज़गार को बढ़ावा देना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कपास ड्यूटी और व्यापारी कल्याण की घोषणाएँ

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य कैबिनेट ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दी है, जो जिला स्तर तक कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने व्यापारियों पर लागू कई औचित्यहीन कानूनों को समाप्त किया है और बिजली आपूर्ति को लेकर दो-तीन विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा व्यापारियों के लिए नया पहुँच मार्ग भी बनाया जाएगा।

भारत की आर्थिक विरासत और उद्यमिता पर जोर

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत की ऐतिहासिक आर्थिक शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिमी आकलन के अनुसार प्राचीन काल में वैश्विक व्यापार में भारत का योगदान 33 प्रतिशत था, जो अंग्रेजों के शासन के बाद घटकर मात्र तीन प्रतिशत रह गया। उन्होंने कहा कि भारत ने मसाले, रेशम और धातुओं के व्यापार से आर्थिक मज़बूती हासिल की थी।

यादव ने उद्योगपतियों की तुलना फिनिक्स पक्षी से करते हुए कहा कि जिस तरह यह पक्षी राख से पुनः जीवित होकर ऊँची उड़ान भरता है, उसी तरह भारतीय उद्यमी भी संघर्ष और चुनौतियों के बावजूद नई ऊँचाइयाँ छूते हैं।

2014 के बाद देश की आर्थिक छलाँग

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश ने वैश्विक आर्थिक ताकत के रूप में पहचान बनाई है। उन्होंने जन-धन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार बनने के तीन महीने के भीतर जनता के खाते खुलवाए गए, जिससे सीधे लाभ हस्तांतरण संभव हुआ और देश की अर्थव्यवस्था में बदलाव आया।

उद्योग वर्ष और किसान कल्याण वर्ष की घोषणा

सीएम यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष और वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में निमाड़ इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा, जो इस क्षेत्र में निवेश को नई गति देगा। यादव ने बुरहानपुर को

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'प्रयास कर रहे हैं' जैसी भाषा यह स्पष्ट नहीं करती कि यह केंद्र सरकार से अनुरोध है या राज्य स्तर पर लागू होने वाला निर्णय। व्यापारी कल्याण बोर्ड और निमाड़ समिट जैसी घोषणाएँ स्वागतयोग्य हैं, लेकिन इससे पहले बनाई गई विकास समितियों का हश्र क्या हुआ, यह सवाल अनुत्तरित है। बुरहानपुर जैसे कपास-केंद्रित जिले में ठोस नीतिगत क्रियान्वयन के बिना ये घोषणाएँ महज़ राजनीतिक संवाद बनकर रह सकती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में कपास को ड्यूटी फ्री करने का क्या मतलब है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार राज्य सरकार कपास पर लगने वाली ड्यूटी समाप्त करने का प्रयास कर रही है, जिससे कपास उत्पादकों और कपड़ा उद्योग को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। हालाँकि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
व्यापारी कल्याण बोर्ड क्या है और यह कैसे काम करेगा?
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दी है, जो जिला स्तर तक व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करेगा। यह बोर्ड व्यापारियों और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा।
निमाड़ इन्वेस्टर्स समिट क्या है?
मुख्यमंत्री यादव ने बुरहानपुर में घोषणा की कि भविष्य में निमाड़ इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य निमाड़ क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
मध्य प्रदेश ने 2025 को उद्योग वर्ष और 2026 को किसान कल्याण वर्ष क्यों घोषित किया?
राज्य सरकार ने 2025 को उद्योग वर्ष घोषित कर व्यापार और रोज़गार को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है, जबकि 2026 में किसानों की आय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह दोहरी रणनीति प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कृषि और उद्योग दोनों मोर्चों पर मजबूत करने के लिए है।
बुरहानपुर को 'दक्षिण का द्वार' क्यों कहा जाता है?
बुरहानपुर मध्य प्रदेश के दक्षिणी छोर पर स्थित है और महाराष्ट्र से सटा हुआ है, इसलिए इसे 'दक्षिण का द्वार' कहा जाता है। यह जिला कपास और कपड़ा उद्योग के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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