मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में किसानों की समृद्धि के लिए नई रणनीतियों की घोषणा की
सारांश
Key Takeaways
- किसानों की समृद्धि के लिए मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ा जाएगा।
- वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
- कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए रोजगार आधारित उद्योगों का विकास होगा।
- राज्य में जलवायु परिवर्तन के खतरों का सामना करने के लिए नई तकनीकों का विकास होगा।
- समृद्ध किसान समृद्ध प्रदेश की थीम पर कार्य किया जाएगा।
भोपाल, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य के किसानों की समृद्धि के लिए 'खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक' की सम्पूर्ण मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक साथ जोड़ा जाएगा।
सीएम मोहन यादव ने ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे 'कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026' को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि किसान हमारे राज्य की आर्थिकी के मुख्य आधार हैं। उनके लगातार प्रयासों के कारण ही हमारे बाजार में रौनक बनी हुई है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। यह वर्ष किसानों के हित और समग्र विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि यह वर्ष 'खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक' की संपूर्ण मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एकजुट करेगा। इस वर्ष कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के लिए रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, और मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो सके।
सीएम यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में तेजी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। राज्य सरकार औषधीय और मसाला फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए सभी प्रयास कर रही है। जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति भी लागू की जाएगी। इसके साथ ही खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभप्रद व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित रूप से किसानों को खेती में आवश्यक सुधार और बदलाव लाने में सहायता करेगा। हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक को अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेंगे।