मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'कृषि मंथन 2026' में किसानों की समृद्धि का लक्ष्य रखा

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मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'कृषि मंथन 2026' में किसानों की समृद्धि का लक्ष्य रखा

सारांश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'कृषि मंथन 2026' में कृषि क्रांति और किसान कल्याण की दिशा में राज्य के लक्ष्यों पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के समन्वय से एकीकृत कार्यक्रमों की योजना पर भी बात की।

Key Takeaways

  • किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत अनुसंधान और बाजार पहुंच को समन्वित करना।
  • भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को सहायता प्रदान करना।
  • विविधता में एकता के सिद्धांत पर जोर देना।
  • मां नर्मदा को जीवनरेखा मानना।
  • मध्य प्रदेश की कृषि उपलब्धियों का बखान।

जबलपुर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जेएनकेवीवी), जबलपुर में आयोजित 'कृषि मंथन 2026' कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश सरकार के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग और विश्वविद्यालय द्वारा एक साथ मिलकर आयोजित किया गया था।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य के 'कृषि कल्याण वर्ष' 2026 के अंतर्गत अनुसंधान, विस्तार सेवाओं और बाजार पहुंच को समन्वित करना था।

मुख्यमंत्री ने 2026 को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए विविध कार्यक्रमों और एकीकृत गतिविधियों का वर्ष बताया।

हाल में प्रारंभ हुई गेहूं की खरीद के संदर्भ में यादव ने भावांतर योजना के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सहायता का उल्लेख किया और बताया कि किस प्रकार मसूर और चना जैसी फसलों के प्रसंस्करण के प्रयासों से खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

उन्होंने 'जय किसान, जय जवान, जय विज्ञान' के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इसमें 'जय अनुसंधान' (जय शोध) को भी जोड़ा है।

मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण को प्रोत्साहित करने के लिए 'विविधता में एकता' के सिद्धांत के तहत विभिन्न विभागों को समन्वित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि 'किसान कल्याण वर्ष' पहल के अंतर्गत, हम पूरे वर्ष विभिन्न प्रकार के विशिष्ट कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। इसके परिणामस्वरूप, विभिन्न विभागों को एक साथ लाकर, उनकी सामूहिक गतिविधियों के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करते हुए, हम आज आपके सामने किसान कल्याण को समर्पित यह विशेष कार्यक्रम ला रहे हैं।

उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान और भीमबेटका की शिलाचित्रों जैसे ऐतिहासिक प्रमाणों का हवाला देते हुए कृषि को प्रकृति के साथ सामंजस्य के गहन दर्शन से जोड़ा।

यादव ने ग्राम-केंद्रित, प्रकृति-सम्मानित जीवनशैली की प्रशंसा की और 1960 के दशक में भारत के खाद्य संकट से उबरने की यात्रा को याद किया, जब भारत गेहूं आयात करता था, और फिर वैज्ञानिक अनुसंधान और लाल बहादुर शास्त्री जैसे नेताओं के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का वर्णन किया।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यादव ने नदी जोड़न परियोजना की दूरदृष्टि पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे 1970 के दशक में राजनीतिक बाधाओं के कारण नर्मदा घाटी में प्रगति में देरी हुई।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरदार सरोवर बांध के निर्माण का श्रेय दिया, जिससे जल उपलब्धता में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नर्मदा हमारी जीवनरेखा हैं। उनका जल मध्य प्रदेश को हरा-भरा रखता है, गुजरात में खुशियों और समृद्धि का संचार करता है, और राजस्थान सहित अन्य राज्यों की प्यास बुझाता है।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य दालों के उत्पादन में देश में अग्रणी है और तिलहन, खाद्यान्न और गेहूं उत्पादन में भी एक उच्च स्थान रखता है।

Point of View

जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

कृषि मंथन 2026 का उद्देश्य क्या है?
कृषि मंथन 2026 का उद्देश्य अनुसंधान, विस्तार सेवाओं और बाजार पहुंच को समन्वित करना है।
मुख्यमंत्री ने किस योजना का उल्लेख किया?
मुख्यमंत्री ने गेहूं की खरीद के संबंध में भावांतर योजना का उल्लेख किया।
किसान कल्याण वर्ष का महत्व क्या है?
किसान कल्याण वर्ष का महत्व विभिन्न विभागों के समन्वय और एकीकृत कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की भलाई है।
मुख्यमंत्री ने किस नदी का जिक्र किया?
मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा का जिक्र किया, जिसे उन्होंने जीवनरेखा बताया।
मध्य प्रदेश की कृषि उपलब्धियाँ क्या हैं?
मध्य प्रदेश दालों के उत्पादन में देश में अग्रणी है और तिलहन, खाद्यान्न और गेहूं में उच्च स्थान रखता है।
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