क्या सरकार का 2026 के लिए लक्ष्य कृषि विकास और किसानों के कल्याण को बढ़ावा देना है?
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश सरकार ने 3,000 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया है।
- कृषि विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
- किसानों के कल्याण के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी।
- पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी।
- खाचरोद में खाद्य प्रसंस्करण पार्क की स्थापना होगी।
उज्जैन, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को मालवा को राज्य का अन्न भंडार बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले दो वर्षों में बारिश से प्रभावित फसलों के मुआवजे पर 3,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
उज्जैन जिले के खाचरोद में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री यादव ने यह भी कहा कि सरकार ने 'भावंतर' योजना के तहत 6.5 लाख किसानों को मुआवजे के रूप में 1,300 करोड़ रुपए वितरित किए हैं।
मुख्यमंत्री यादव ने साझा किया कि उनकी सरकार का 2026 के लिए लक्ष्य कृषि विकास और किसानों के कल्याण को बढ़ावा देना है, जिसके लिए भविष्य में कई नवोन्मेषी योजनाएं लाने की योजना है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष सरकार का पूरा ध्यान किसानों पर रहेगा, खासकर कृषि आधारित उद्योगों पर ताकि किसानों और कृषि उद्यमियों को नई दिशा और अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि 'पार्वती-कालीसिंध-चंबल' राष्ट्रीय नदी जोड़ परियोजना से पूरे मालवा-निमार और चंबल क्षेत्र को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और अगले पांच वर्षों में राज्य की सिंचाई क्षमता 1 करोड़ हेक्टेयर तक बढ़ जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने 78.61 करोड़ रुपए की 39 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उनका उद्घाटन किया। उन्होंने खाचरोद में एक खाद्य प्रसंस्करण पार्क की स्थापना की घोषणा की, जिससे किसानों को राज्य में प्रचुर मात्रा में उगने वाली हरी मटर को संसाधित करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने 35.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवनिर्मित संदीपानी स्कूल भवन और 11.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए कृषि उपज बाजार परिसर के साथ-साथ कई अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
सीएम यादव ने कहा कि खाचरोद स्थित संदीपानी स्कूल आधुनिक शैक्षिक अवसंरचना का प्रतीक बनेगा और विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करेगा। ज्ञान के एक पवित्र मंदिर के रूप में विकसित हो रहा यह संस्थान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने में एक नया अध्याय लिखेगा।
उन्होंने फिर से यह कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, ताकि कोई भी व्यक्ति या वर्ग मुख्यधारा से बाहर न रह जाए।
-राष्ट्र प्रेस
एमएस/डीएससी