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उत्तराखंड STF का बाजपुर में बड़ा ऑपरेशन: नकली दवा फैक्ट्री और 2,600+ अवैध शराब बोतलें ज़ब्त, एक गिरफ्तार

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उत्तराखंड STF का बाजपुर में बड़ा ऑपरेशन: नकली दवा फैक्ट्री और 2,600+ अवैध शराब बोतलें ज़ब्त, एक गिरफ्तार

सारांश

उत्तराखंड STF ने बाजपुर में नकली दवा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया — सन फार्मा, इंटास जैसी कंपनियों के नाम पर जीवन रक्षक दवाइयाँ बनाई जा रही थीं। साथ में मिली 2,600 से अधिक अवैध शराब बोतलें। एक आरोपी गिरफ्तार, पूरे नेटवर्क की तलाश जारी।

मुख्य बातें

उत्तराखंड STF और औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने 19 जुलाई 2026 को बाजपुर, ऊधमसिंहनगर में कोविल बायोटैक पर छापा मारा।
करीब एक लाख टैबलेट और 15 हज़ार सिरप बोतलें बरामद; स्टैडमेड, मैकलियोड्स, इंटास, सन फार्मा के नाम पर नकली दवाइयाँ बनाई जा रही थीं।
NH-74 स्थित गोदाम से 1,632 क्वार्टर मैकडॉवेल नंबर-1 , 1,016 बोतल तृतीय आरसीएस शराब और उत्तराखंड आबकारी होलोग्राम ज़ब्त।
आरोपी धीरेंद्र पुत्र ब्रह्म सिंह , बुलंदशहर (UP) को गिरफ्तार; हरियाणा से अवैध शराब मँगाने की बात कबूल।
आयुर्वेदिक एवं फूड लाइसेंस की आड़ में एलोपैथिक दवाओं का निर्माण — थाना बाजपुर में मुकदमा दर्ज, आबकारी अधिनियम के तहत अलग कार्रवाई जारी।

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने 19 जुलाई 2026 को ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े नकली दवा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। कोविल बायोटैक नामक इकाई पर छापेमारी में करीब एक लाख टैबलेट और 15 हज़ार सिरप बोतलें बरामद हुईं, जो देश की प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम पर अवैध रूप से तैयार की जा रही थीं।

कैसे हुआ भंडाफोड़

जाँच में सामने आया कि आरोपी धीरेंद्र पुत्र ब्रह्म सिंह, निवासी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश, आयुर्वेदिक एवं फूड लाइसेंस की आड़ में एलोपैथिक और जीवन रक्षक दवाइयों का निर्माण कर रहा था। यह दवाइयाँ स्टैडमेड, मैकलियोड्स, इंटास और सन फार्मा जैसी नामी कंपनियों के नाम और पैकेजिंग में बाज़ार में सप्लाई की जा रही थीं। STF ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

बरामद सामग्री का विवरण

छापेमारी में अल्कासोल, सेफीफीन-200, सनक्लेव, गैबैपिन, वेल्टम, रुबर्ड सस्पेंशन, ऑस्टोकैल्शियम बी12 और सोमप्राज सहित बड़ी मात्रा में नकली दवाइयाँ मिलीं। इनका उपयोग अम्लता, एंटीबायोटिक, दर्द, नसों की बीमारी, प्रोस्टेट, कैल्शियम एवं आयरन की कमी जैसे उपचारों में होता है। इसके अलावा पैकेजिंग मशीनें, SS टैंक, फिलिंग, सीलिंग और लेबलिंग मशीनें भी ज़ब्त की गईं।

गोदाम में मिली अवैध शराब

आरोपी की निशानदेही पर NH-74 स्थित गोदाम पर भी छापा मारा गया, जहाँ नकली दवाओं के साथ-साथ 1,632 क्वार्टर मैकडॉवेल नंबर-1, 1,016 बोतल तृतीय आरसीएस शराब, 1,000 खाली काँच की बोतलें और उत्तराखंड आबकारी के होलोग्राम, रैपर, ढक्कन तथा पैकिंग सामग्री बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह हरियाणा से अवैध शराब मँगवाकर उत्तराखंड में सप्लाई करता था।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना बाजपुर में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अवैध शराब की बरामदगी के संदर्भ में आबकारी अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है। STF के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि नकली जीवन रक्षक दवाइयाँ सीधे मरीजों की जान के लिए खतरा बनती हैं। एंटीबायोटिक और अन्य दवाओं की नकली आपूर्ति न केवल उपचार को विफल करती है, बल्कि दवा-प्रतिरोध (drug resistance) जैसी गंभीर समस्याओं को भी बढ़ावा दे सकती है। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब देश में नकली दवा नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय और राज्य स्तर पर अभियान तेज़ हो रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और नियामक तंत्र वर्षों तक इसे पकड़ नहीं पाता। सन फार्मा व इंटास जैसी कंपनियों के ब्रांड की नकल करना न केवल उपभोक्ता धोखाधड़ी है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की जड़ है। एक ही इकाई में नकली दवा और अवैध शराब — दोनों का संचालन यह दर्शाता है कि ये नेटवर्क बहु-आयामी अपराध में संलग्न हैं। असली सवाल यह है कि लाइसेंसिंग प्राधिकरण इतने समय तक अनजान कैसे रहे।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड STF ने बाजपुर में क्या पकड़ा?
STF और औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने कोविल बायोटैक पर छापा मारकर करीब एक लाख टैबलेट और 15 हज़ार सिरप बोतलें बरामद कीं, जो स्टैडमेड, इंटास, सन फार्मा जैसी कंपनियों के नाम पर नकली तरीके से बनाई जा रही थीं। साथ ही NH-74 के गोदाम से 2,600 से अधिक अवैध शराब बोतलें और आबकारी होलोग्राम भी ज़ब्त किए गए।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी धीरेंद्र पुत्र ब्रह्म सिंह को मौके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने हरियाणा से अवैध शराब मँगाकर उत्तराखंड में सप्लाई करने की बात स्वीकार की।
नकली दवाइयाँ किन बीमारियों के इलाज के लिए बनाई जा रही थीं?
बरामद दवाइयाँ अम्लता, एंटीबायोटिक, दर्द, नसों की बीमारी, प्रोस्टेट, कैल्शियम और आयरन की कमी जैसे उपचारों के लिए थीं। इनमें अल्कासोल, सेफीफीन-200, गैबैपिन और ऑस्टोकैल्शियम बी12 जैसी दवाइयाँ शामिल हैं।
आरोपी ने किस लाइसेंस की आड़ में यह काम किया?
आरोपी ने आयुर्वेदिक एवं फूड लाइसेंस की आड़ में एलोपैथिक और जीवन रक्षक दवाइयों का निर्माण किया, जो कानूनी रूप से उसके लाइसेंस के दायरे से बाहर था। यह नियामक खामी इस पूरे सिंडिकेट की बुनियाद थी।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
थाना बाजपुर में मुकदमा दर्ज हो चुका है और आबकारी अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है। STF के अनुसार नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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