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क्या लखनऊ में ट्रक से बिहार ले जाई जा रही 575 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त हुई?

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क्या लखनऊ में ट्रक से बिहार ले जाई जा रही 575 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त हुई?

सारांश

लखनऊ में एसटीएफ ने एक बड़े शराब तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। 575 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की गई है। यह शराब बिहार विधानसभा चुनावों में उपयोग के लिए लायी जा रही थी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

575 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपी का नाम विश्वेंद्र है।
शराब बिहार विधानसभा चुनावों में उपयोग के लिए लायी जा रही थी।
एसटीएफ ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी रखी है।
शराब तस्करी पर कड़ी कार्रवाई की गई है।

लखनऊ, 1 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शराब तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। लखनऊ के किसान पथ पर एक ट्रक से 575 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत लगभग 75 लाख रुपए आंकी गई है।

यह शराब बिहार विधानसभा चुनावों में उपयोग के लिए चंडीगढ़ होते हुए दरभंगा ले जाई जा रही थी। एसटीएफ ने इस मामले में एक प्रेस नोट जारी किया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान विश्वेंद्र के नाम से हुई है, जो हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी थाना क्षेत्र के चिमनी गांव का निवासी है।

खुफिया जानकारी के आधार पर एसटीएफ की टीम ने पीजीआई थाना क्षेत्र में नाकाबंदी की। टीम ने एक कंटेनर ट्रक को रोका, जिस पर गलत नंबर प्लेट लगाई गई थी। ट्रक में यूरिया खाद की बोरियों के बीच शराब की पेटियां छिपाई गई थीं। छापे के दौरान एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।

एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक महाबीर सिंह और अन्य सदस्यों की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से ट्रक को घेर लिया। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह सोनू राठी, गुरनीत सिंह गोगिया और अतुल के संगठित गिरोह का सदस्य है, जो हरियाणा और पंजाब से शराब चंडीगढ़ के रास्ते बिहार में सप्लाई करता है।

ट्रक में गुप्त कैविटी बनाकर एक तरफ 210 बोरियां खाद लादी गई थीं और दूसरी तरफ शराब की पेटियां छिपाई गई थीं। ये पेटियां विभिन्न ब्रांडों की थीं। दरभंगा पहुंचने पर गिरोह के निर्देशानुसार शराब एक व्यक्ति को सौंपी जानी थी। आरोपी को हर चक्कर के बदले एक लाख रुपए मिलते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि शराब का उपयोग बिहार चुनावों के दौरान अवैध रूप से किया जाना था, जहां शराबबंदी के बावजूद ऐसी तस्करी आम है। एसटीएफ को पहले से ही गिरोह की उत्तर प्रदेश में सक्रियता की सूचना मिली थी, इसलिए विभिन्न इकाइयों को अलर्ट किया गया था।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसटीएफ ने कहा है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और ऐसी तस्करी को रोकने के लिए अभियान को तेज किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दिखाती है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता ही ऐसी गतिविधियों को रोक सकती है। हम सभी को इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि हम अपने समाज को सुरक्षित रख सकें।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसटीएफ ने कितनी शराब जब्त की?
एसटीएफ ने 575 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की।
गिरफ्तार आरोपी का नाम क्या है?
गिरफ्तार आरोपी का नाम विश्वेंद्र है।
यह शराब कहाँ ले जाई जा रही थी?
यह शराब चंडीगढ़ होते हुए बिहार के दरभंगा ले जाई जा रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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