कैमरून के नॉर्थवेस्ट में सात यात्रियों का अपहरण, अलगाववादियों ने मांगी फिरौती
सारांश
मुख्य बातें
कैमरून के नॉर्थवेस्ट क्षेत्र में शनिवार देर रात हथियारबंद लोगों ने सात यात्रियों का अपहरण कर लिया और उनकी रिहाई के बदले फिरौती की मांग की है। रविवार को सुरक्षा सूत्रों ने इस घटना की पुष्टि की। अपहृत यात्री वेस्ट क्षेत्र की राजधानी बाफौसम से बामेंडा की ओर जा रहे थे।
घटनाक्रम कैसे हुआ
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, हथियारबंद लोगों ने यात्रियों की गाड़ी को बीच रास्ते में रोका और सभी को अपने साथ जबरन ले गए। परिवार के सदस्यों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने यात्रियों को छोड़ने के बदले फिरौती की मांग की है। अधिकारियों ने बंधकों की सुरक्षित वापसी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
क्षेत्र में अलगाववादी हिंसा की पृष्ठभूमि
नॉर्थवेस्ट क्षेत्र में फिरौती के लिए अपहरण की घटनाएं लंबे समय से जारी हैं। यहां अलगाववादी समूह एक स्वतंत्र देश की मांग को लेकर कैमरून के सरकारी सुरक्षा बलों से सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इस इलाके में यात्रा करने वाले लोगों को अक्सर ऐसे हथियारबंद लोग निशाना बनाते हैं जिनके अलगाववादी लड़ाकों से जुड़े होने का संदेह है।
पिछली घटनाओं का सिलसिला
यह ताज़ा अपहरण इस क्षेत्र में ऐसी घटनाओं की बढ़ती श्रृंखला की कड़ी है। पिछले महीने नॉर्थवेस्ट क्षेत्र में करीब 12 लोगों का अपहरण किया गया था, जिनमें एक बस के 10 यात्री शामिल थे। वह बस नडोप इलाके से बामेंडा जा रही थी, तभी हथियारबंद लोगों ने उसे सबगा इलाके में रोका। एक सुरक्षा अधिकारी ने उस घटना के बारे में बताया था, 'अलगाववादी आतंकियों ने बस को रोका और 10 यात्रियों का अपहरण कर लिया, जिनमें ड्राइवर भी शामिल था। घटना देखने वाले दो लोगों को भी वे जंगल की ओर ले गए और बड़ी रकम की फिरौती मांगने लगे।'
इससे पहले दिसंबर में भी बामेंडा से कुम्बो जा रही एक बस से करीब आठ यात्रियों का अपहरण किया गया था। उस घटना में भी हथियारबंद लोगों ने बामेसिंग इलाके में बस रोककर यात्रियों को जंगल की ओर ले जाया और फिरौती की मांग की थी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हाईवे पर आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। बंधकों को सुरक्षित मुक्त कराने के लिए सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान तेज़ कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब नॉर्थवेस्ट और साउथवेस्ट क्षेत्रों में अंग्रेज़ीभाषी अलगाववादी संकट वर्षों से जारी है और नागरिक आबादी लगातार इसकी चपेट में है।