'वेलकम बैक' के 11 साल: अनीस बज्मी बोले — 'यह फिल्म हमेशा दिल के करीब रहेगी'
सारांश
मुख्य बातें
एक्शन-कॉमेडी फिल्म 'वेलकम बैक' ने 4 सितंबर 2026 को अपनी रिलीज के 11 साल पूरे कर लिए। इस खास मौके पर फिल्म के निर्देशक अनीस बज्मी ने इंस्टाग्राम पर फिल्म की यादगार क्लिप्स का एक मोंटाज वीडियो साझा किया और दर्शकों के प्रति आभार जताया। मुंबई से ताल्लुक रखने वाले इस फिल्मकार ने माना कि यह फिल्म उनके करियर की सबसे खास यादों में से एक है।
अनीस बज्मी का भावुक संदेश
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में अनीस बज्मी ने लिखा, 'वेलकम बैक ने अपनी रिलीज के 11 साल पूरे कर लिए हैं। कुछ फिल्में आपके सफर का और कुछ दर्शकों की यादों का भी हिस्सा बन जाती हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'वेलकम बैक हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। पिछले सालों में आप सभी ने इस फिल्म को जो प्यार, हंसी और यादें दी हैं, उसके लिए आभारी हूं और हमेशा रहूंगा।' यह पोस्ट फिल्म के चाहने वालों के बीच तेज़ी से वायरल हुई।
फिल्म की स्टारकास्ट और पृष्ठभूमि
साल 2015 में रिलीज हुई 'वेलकम बैक', 2007 की सुपरहिट फिल्म 'वेलकम' का सीक्वल थी। फिल्म में अनिल कपूर (मजनू भाई), नाना पाटेकर (उदय शेट्टी), जॉन अब्राहम (अजय/अज्जू भाई), परेश रावल (डॉ. घुंघरू) और श्रुति हासन (रंजना) मुख्य भूमिकाओं में थे। नसीरुद्दीन शाह (डॉन वांटेड) और डिंपल कपाडिया (महारानी) ने सहायक किरदार निभाए।
गिनीज़ रिकॉर्ड से जुड़ा अनोखा किस्सा
फिल्म की रिलीज से पहले ही यह गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से जुड़ गई थी। फिल्म में एक ऐसी अंगूठी दिखाई गई थी, जिसके नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज था। एक दृश्य में अनिल कपूर का किरदार अपनी प्रेमिका को यही रिंग उपहार में देता है — जो फिल्म के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया।
फिल्म की कहानी
फिल्म की कथा दो सुधरे हुए पूर्व अंडरवर्ल्ड डॉन — उदय शेट्टी और मजनू भाई — के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो अब एक सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं। उलझन तब शुरू होती है जब उदय को अपनी एक सौतेली बहन रंजना के अस्तित्व का पता चलता है और वह नए गुंडे अज्जू भाई से प्यार कर बैठती है। इसके बाद हास्य परिस्थितियों और भ्रम का ऐसा तूफान उठता है जो दर्शकों को लगातार हंसाता रहता है।
यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में फ्रेंचाइज़ी फिल्मों की वापसी की बहस तेज़ है और 'वेलकम' सीरीज़ अभी भी दर्शकों की पसंदीदा बनी हुई है। अनीस बज्मी की यह पोस्ट न केवल एक फिल्म की सालगिरह है, बल्कि उस दौर की हिंदी कॉमेडी सिनेमा की विरासत का उत्सव भी है।