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क्या झारखंड के उद्योगपति के बेटे का अपहरण 5 करोड़ की फिरौती के लिए किया गया?

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क्या झारखंड के उद्योगपति के बेटे का अपहरण 5 करोड़ की फिरौती के लिए किया गया?

सारांश

जमशेदपुर के उद्योगपति देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी का अपहरण 48 घंटे पहले हुआ था। अपहरणकर्ताओं ने 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है। पुलिस ने कई राज्यों में छापेमारी की है। क्या पुलिस कैरव को सुरक्षित वापस लाने में सफल होगी? जानिए पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

कैरव गांधी का अपहरण 15 जनवरी को हुआ है।
5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई है।
पुलिस ने सात विशेष टीमें गठित की हैं।
पुलिस ने संदिग्ध वाहन की पहचान की है।
सेराइकेला पुलिस और जमशेदपुर पुलिस मिलकर काम कर रही हैं।

जमशेदपुर, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जमशेदपुर के प्रसिद्ध व्यवसायी देवांग गांधी के 24 वर्षीय बेटे कैरव गांधी के अपहरण के 48 घंटे बीतने के बावजूद झारखंड पुलिस को इस मामले में कोई महत्वपूर्ण सफलता नहीं मिली है।

अपहरणकर्ताओं ने एक विदेशी मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए परिवार से 5 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की है। पुलिस की जांच में यह पता चला है कि जिस नंबर से फिरौती मांगी गई थी, वह इंडोनेशिया का है।

झारखंड पुलिस ने कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सात विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस के अनुसार, कैरव गांधी मंगलवार को सुबह लगभग 11:30 बजे अपनी कार से घर से निकले थे। उन्होंने अपने परिवार को बताया कि वह पहले बिस्टुपुर स्थित एसबीआई शाखा जाएंगे, फिर आदित्यपुर स्थित अपनी कंपनी जाएंगे और दोपहर के भोजन के लिए घर लौटेंगे।

हालांकि, जब वह दोपहर 1:45 बजे तक घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल फोन बंद पाया गया, तो उनके परिवार में चिंता बढ़ गई।

कैरव के पिता देवांग गांधी ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को वे आदित्यपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक में थे, तभी उन्हें एक अज्ञात विदेशी नंबर (+62-831-94765544) से उनके व्हाट्सएप पर 8 से 10 कॉल आए, जिनका वे जवाब नहीं दे पाए।

बाद में, उसी नंबर से एक संदेश आया, जिसमें उनके बेटे के अपहरण की सूचना दी गई और फिरौती की मांग की गई।

सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। उसी शाम, कैरव की कार पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के चंदिल पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कंदरबेरा इलाके में एनएच-33 पर एक रिसॉर्ट के पास लावारिस हालत में मिली।

पुलिस ने बताया कि कैरव की आखिरी मोबाइल लोकेशन जमशेदपुर के सोनारी आदर्श नगर इलाके के पास दर्ज की गई थी। संदेह है कि अपहरणकर्ताओं ने उनकी कार को रोका और उन्हें जबरन किसी दूसरी गाड़ी में बिठाकर ले गए।

जांचकर्ताओं ने एक संदिग्ध वाहन की पहचान की है, जिसे कैरव की कार के आसपास बार-बार चक्कर लगाते देखा गया था। हालांकि वाहन पर पुलिस का चिह्न लगा हुआ था, लेकिन बाद में पता चला कि उसका पंजीकरण नंबर किसी दूसरे वाहन का था। पुलिस अब उस वाहन की सक्रिय रूप से तलाश कर रही है।

लावारिस कार की फोरेंसिक जांच की जा रही है, जबकि कॉल डिटेल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के माध्यम से तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

जमशेदपुर और सेराइकेला पुलिस की संयुक्त टीमें टोल प्लाजा और शहर के सभी निकास बिंदुओं से सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं।

इस बीच, पुलिस की एक टीम परिवार के साथ लगातार संपर्क में है, और साइबर सेल अपहरणकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए गए इंडोनेशियाई फोन नंबर के स्रोत का पता लगाने के लिए काम कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैरव गांधी का अपहरण कब हुआ?
कैरव गांधी का अपहरण 15 जनवरी को हुआ था।
अपहरणकर्ताओं ने कितनी फिरौती मांगी है?
अपहरणकर्ताओं ने 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने कैरव की सुरक्षित वापसी के लिए सात विशेष टीमें गठित की हैं।
कैरव की आखिरी लोकेशन क्या थी?
कैरव की आखिरी लोकेशन जमशेदपुर के सोनारी आदर्श नगर इलाके में थी।
क्या पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई की है?
हां, पुलिस ने संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की है और तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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