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सोनम वांगचुक का अनशन: पत्नी गीतांजलि आंगमो बोलीं — सांसद शिक्षा सुधार का भरोसा दें, तभी टूटेगा उपवास

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सोनम वांगचुक का अनशन: पत्नी गीतांजलि आंगमो बोलीं — सांसद शिक्षा सुधार का भरोसा दें, तभी टूटेगा उपवास

सारांश

सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती, पर अनशन की शर्त अटल है — सांसद शिक्षा सुधार का भरोसा दें, तभी उपवास टूटेगा। 20 जून से चले इस आंदोलन में अब सोमवार का दिन निर्णायक बन गया है।

मुख्य बातें

सोनम वांगचुक को 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया।
आंगमो ने कहा — सांसद अस्पताल आकर मानसून सत्र में शिक्षा सुधार उठाने का भरोसा दें, तभी अनशन समाप्त होगा।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) 20 जून से जंतर-मंतर पर धरने पर है।
डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया — 20 जुलाई के संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई; बीएनएस धारा 163 लागू।
सीजेपी ने मार्च के लिए अनुमति का कोई आवेदन दिल्ली पुलिस को नहीं दिया था।

सोनम वांगचुक को 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया, जहाँ वे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के साथ चल रहे अनशन के दौरान स्वास्थ्य कारणों से पहुँचे। इसी बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने स्पष्ट किया कि अनशन तभी समाप्त होगा जब विभिन्न दलों के सांसद और नेता अस्पताल में वांगचुक से मिलकर संसद के मानसून सत्र में शिक्षा सुधार और जवाबदेही के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने का लिखित भरोसा दें।

गीतांजलि आंगमो की माँग

जंतर-मंतर पर मीडिया से बातचीत में गीतांजलि आंगमो ने कहा, 'सोनम कल अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल में उनसे मिलकर यह आश्वासन देंगे कि वे संसद सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही के मुद्दे को उठाएंगे।' उन्होंने जोड़ा कि अगर सांसद और अन्य नेता सोमवार को सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक से मिलकर यह भरोसा दें कि वे इस सत्र में शिक्षा सुधार को मुख्य एजेंडा बनाएंगे, तभी अनशन खत्म होगा।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च की योजना बनाई गई थी, जिसमें देशभर से समर्थक और कई राजनीतिक नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही थी। गीतांजलि आंगमो ने कहा, 'हम चाहते हैं कि यह मार्च बहुत सफल हो, क्योंकि देशभर से लोग इसमें शामिल होने आ रहे हैं।'

दिल्ली पुलिस का रुख

नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई को संसद तक सीजेपी के प्रस्तावित मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि बीएनएस की धारा 163 लागू है और विरोध प्रदर्शन केवल जंतर-मंतर के निर्धारित स्थल पर पूर्व अनुमति से ही किए जा सकते हैं। पुलिस के अनुसार, सीजेपी की ओर से मार्च की अनुमति माँगने वाला कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था और न ही कोई अनुमति जारी की गई।

शिक्षा सुधार की माँग का मूल

गीतांजलि आंगमो ने रेखांकित किया कि इस आंदोलन का मूल उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना और शिक्षा सुधार के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता दिलाना है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और नीति-निर्माण की दृष्टि से यह माँग रखने का यह सबसे उपयुक्त अवसर माना जा रहा है।

आगे क्या

अब सभी की निगाहें सोमवार पर टिकी हैं — क्या विभिन्न दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुँचकर वांगचुक को भरोसा देंगे? यदि ऐसा होता है, तो 20 जून से चला आ रहा यह अनशन समाप्त हो सकता है। अन्यथा प्रदर्शन जारी रहने और स्थिति और जटिल होने की संभावना बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि केवल संसद में मुद्दा उठाने के आश्वासन की है — जो दर्शाता है कि आंदोलनकारियों का विधायी प्रक्रिया पर भरोसा कितना सीमित है। मार्च के लिए अनुमति न लेना और फिर पुलिस की आपत्ति को सुर्खियाँ बनने देना — यह रणनीति जन-दबाव बनाने की दृष्टि से प्रभावी हो सकती है, लेकिन दीर्घकालिक नीतिगत बदलाव के लिए संसदीय सहयोग अपरिहार्य है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक का अनशन कब और क्यों समाप्त होगा?
उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो के अनुसार, अनशन तभी समाप्त होगा जब विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक से मिलकर यह भरोसा दें कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा सुधार और जवाबदेही के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।
सोनम वांगचुक को अस्पताल क्यों भर्ती किया गया?
20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया। वे कॉकरोच जनता पार्टी के साथ 20 जून से जंतर-मंतर पर अनशन पर थे।
20 जुलाई के संसद मार्च को अनुमति क्यों नहीं मिली?
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि सीजेपी ने मार्च के लिए कोई अनुमति आवेदन दिल्ली पुलिस को नहीं दिया था। बीएनएस की धारा 163 के तहत विरोध प्रदर्शन केवल जंतर-मंतर के निर्धारित स्थल पर पूर्व अनुमति से ही किए जा सकते हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी का यह आंदोलन किस मुद्दे पर है?
यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने और शिक्षा सुधार के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता दिलाने के लिए है। सीजेपी 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है।
गीतांजलि आंगमो ने सोमवार को लेकर क्या कहा?
गीतांजलि आंगमो ने कहा कि सोमवार को यदि सांसद और नेता सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक से मिलकर मानसून सत्र में शिक्षा सुधार को मुख्य एजेंडा बनाने का आश्वासन देते हैं, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
राष्ट्र प्रेस
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