मध्यप्रदेश में सुशासन का दौर: CM मोहन यादव ने कहा — 'सच्चा वादा, पक्का काम'

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मध्यप्रदेश में सुशासन का दौर: CM मोहन यादव ने कहा — 'सच्चा वादा, पक्का काम'

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में 'सच्चा वादा, पक्का काम' के मूलमंत्र के साथ मध्यप्रदेश को सुशासन का पर्याय बताया। निगम-मंडल-बोर्ड के नवनियुक्त पदाधिकारियों के अभिनंदन समारोह में उन्होंने पर्यटन-आधारित रोज़गार और 'विरासत से विकास' की नीति को प्रदेश की प्रगति का आधार बताया।

मुख्य बातें

मोहन यादव ने 7 मई 2025 को भोपाल में विधायकों व जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया।
सरकार का मूलमंत्र 'सच्चा वादा, पक्का काम' ; सुशासन को लोक कल्याण का आधार बताया।
धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन को बढ़ावा देकर रोज़गार सृजन का लक्ष्य।
रामनिवास रावत, गुड्डीबाई आदिवासी, डॉ.
कृष्णपाल सिंह यादव, मनोहर पोरवाल, महेश केवट सहित कई पदाधिकारी नवनियुक्त।
निगम, मंडल, बोर्ड और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 7 मई 2025 को मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में आयोजित एक गरिमामय अभिनंदन समारोह में कहा कि मध्यप्रदेश आज देशभर में सुशासन और लोक कल्याण का पर्याय बन चुका है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विधायकों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि "जैसी नीयत होती है, वैसी ही बरकत होती है" — और इसी सोच के साथ उनकी सरकार आगे बढ़ रही है।

सुशासन और लोक कल्याण की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार का मूलमंत्र है — 'सच्चा वादा, पक्का काम'। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कर्मठता, समर्पण और नवाचारों के साथ लोक कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, "आज प्रदेश के हर कोने में, हर छोर में सुशासन का दौर है।" यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में कई प्रशासनिक नियुक्तियाँ और विकास कार्य एक साथ गति पकड़ रहे हैं।

विरासत से विकास की राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 'विरासत से विकास' की परंपरा को कायम रखते हुए जनहित में अधिकाधिक नवाचार अपनाए हैं और प्रदेश की तरक्की के नए रास्ते बनाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन को बढ़ावा देने के भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। उनके अनुसार पर्यटन में वृद्धि से प्रदेश में रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे, जिसका सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों को मिलेगा।

निगम-मंडल-बोर्ड में नई नियुक्तियाँ

समारोह में प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, बोर्ड और विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे — मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष रामनिवास रावत, मध्यप्रदेश राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण की नवनियुक्त अध्यक्षा गुड्डीबाई आदिवासी, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव एवं उपाध्यक्ष संजीव कांकर, रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोहर पोरवाल तथा उपाध्यक्षद्वय गोविंद काकाणी एवं प्रवीण सोनी, और मध्यप्रदेश राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष महेश केवट। इन सभी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जनकल्याण का दायित्व सौंपने के लिए आभार व्यक्त किया और उन्हें प्रतीक चिह्न भी भेंट किए।

मंत्री की उपस्थिति और भविष्य की दिशा

अभिनंदन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि आयोग, निगम, मंडल और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों की प्रक्रिया निरंतर जारी है और प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को अवसर दिया जाएगा। गौरतलब है कि यह नियुक्तियाँ ऐसे समय में हो रही हैं जब प्रदेश सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे को नई गति देने में जुटी है। आने वाले समय में इन संस्थाओं के माध्यम से जनकल्याण की योजनाओं को और प्रभावी ढंग से लागू किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इन नवनियुक्त पदाधिकारियों के कार्यकाल के परिणामों में होगी — न कि अभिनंदन समारोहों में। निगम-मंडलों की नियुक्तियाँ अक्सर राजनीतिक पुरस्कार के रूप में देखी जाती हैं; यदि ये संस्थाएँ वास्तव में जनकल्याण के लिए काम करें तो यह मध्यप्रदेश के लिए सकारात्मक बदलाव होगा। पर्यटन-आधारित रोज़गार की नीति सही दिशा में है, लेकिन इसके लिए ठोस बजट आवंटन और क्रियान्वयन ढाँचे की ज़रूरत है, जिसका विवरण अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM मोहन यादव ने 7 मई 2025 को किस कार्यक्रम में भाषण दिया?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 मई 2025 को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित अभिनंदन समारोह में भाषण दिया। इस समारोह में प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, बोर्ड और विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष व उपाध्यक्षों ने उनका स्वागत किया।
मध्यप्रदेश में किन निगम-मंडलों में नई नियुक्तियाँ हुई हैं?
हाल ही में मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम, राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, रतलाम विकास प्राधिकरण और राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड में नए अध्यक्ष व उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
CM मोहन यादव की 'विरासत से विकास' नीति क्या है?
'विरासत से विकास' मध्यप्रदेश सरकार की वह नीति है जिसके तहत प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को पर्यटन और रोज़गार से जोड़ा जा रहा है। इसके अंतर्गत धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वन पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय नागरिकों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करना लक्ष्य है।
मध्यप्रदेश में पर्यटन बढ़ाने से रोज़गार पर क्या असर होगा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, प्रदेश में पर्यटन बढ़ने से रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे और इसका सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों को मिलेगा। सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन को एक साथ बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है।
अभिनंदन समारोह में कौन-कौन से मंत्री उपस्थित थे?
अभिनंदन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप उपस्थित थे। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विधायक, जनप्रतिनिधि और नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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