भारतीय मानक समय प्रसार नेटवर्क लॉन्च: 'व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी' से बैंकिंग, टेलीकॉम और डिजिटल गवर्नेंस को सटीक समय
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 19 जुलाई 2025 को बेंगलुरु स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड लेबोरेटरी (RRSL) में 'व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी' पर आधारित भारतीय मानक समय (IST) प्रसार प्रदर्शन नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह नेटवर्क देश के बैंकिंग, टेलीकॉम, बिजली प्रणाली और डिजिटल गवर्नेंस जैसे अहम क्षेत्रों को अत्यंत सटीक और सुरक्षित समय-तालमेल सेवा प्रदान करेगा।
तकनीक की बुनियाद
यह प्रदर्शन नेटवर्क प्रिसिजन टाइम प्रोटोकॉल (PTP) पर आधारित 'व्हाइट रैबिट' टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है, जो UTC (NPLI) से संबद्ध भारतीय मानक समय को सुरक्षित रूप से प्रसारित करने में सक्षम है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, यह प्रणाली बेहद सटीक, मज़बूत और साइबर-सुरक्षित टाइम सिंक्रोनाइज़ेशन सुनिश्चित करती है।
गौरतलब है कि इस नेटवर्क को उपभोक्ता मामले विभाग, CSIR-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (CSIR-NPL) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है — जो सरकारी विज्ञान संस्थाओं के बीच एक असामान्य और उल्लेखनीय सहयोग है।
सफल परीक्षण और सत्यापन
मंत्री जोशी ने बताया कि उपभोक्ता मामले विभाग ने CSIR-NPL, ISRO, सेबी (SEBI), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), BSNL और अन्य संबंधित संस्थाओं के सहयोग से RRSL बेंगलुरु और NSE चेन्नई के बीच भारतीय मानक समय के सुरक्षित प्रसार का सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह परीक्षण इस बात का प्रमाण है कि यह तकनीक वास्तविक वित्तीय बुनियादी ढाँचे पर कारगर है।
मंत्री की प्राथमिकताएँ और दृष्टिकोण
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारतीय मानक समय का सटीक और सुरक्षित प्रसार देश के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में उभर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि समय का एक भरोसेमंद राष्ट्रीय स्रोत उपभोक्ता सुरक्षा को मज़बूत करेगा, निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देगा, साइबर सुरक्षा में सुधार लाएगा, वित्तीय बाज़ारों की विश्वसनीयता बढ़ाएगा और डिजिटल गवर्नेंस को और सुदृढ़ करेगा।
मंत्री ने इस अवसर पर ISRO, बेंगलुरु का भी दौरा किया और 'भारतीय मानक समय प्रसार प्रोजेक्ट' की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से बातचीत करते हुए देश में ही विकसित सुरक्षित टाइम प्रसार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में ISRO के योगदान की सराहना की।
आम जनता और उद्योग पर असर
यह नेटवर्क बैंकिंग और वित्तीय बाज़ार, टेलीकॉम, बिजली प्रणाली, परिवहन और डिजिटल गवर्नेंस — सभी उन क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जहाँ मिलीसेकंड की सटीकता लेनदेन और सुरक्षा को प्रभावित करती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत के डिजिटल भुगतान और शेयर बाज़ार लेनदेन की मात्रा तेज़ी से बढ़ रही है और समय-सटीकता की माँग पहले से कहीं अधिक है।
मंत्री ने सरकार की 'वन नेशन, वन टाइम' पहल को आगे बढ़ाने में उपभोक्ता मामले विभाग, CSIR-NPL और ISRO के संयुक्त सहयोग की भी प्रशंसा की। आगे इस नेटवर्क को और विस्तार देने की योजना है।