प्रल्हाद जोशी ने बेंगलुरु में व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी आधारित IST नेटवर्क का उद्घाटन किया, GPS निर्भरता होगी खत्म
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 17 जुलाई 2025 को बेंगलुरु के जक्कुर स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड्स लेबोरेटरी (RRSL) में 'व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी' पर आधारित 'इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) — डिस्ट्रीब्यूशन डेमोंस्ट्रेशन नेटवर्क' का उद्घाटन किया। यह पहल भारत को विदेशी GPS-आधारित टाइम सोर्स पर अपनी निर्भरता से मुक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह प्रणाली 'वन नेशन, वन टाइम' के व्यापक विजन का हिस्सा है। उन्होंने इसे पूरे भारत में एकसमान, अत्यंत सटीक और सुरक्षित टाइम स्टैंडर्ड स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
इस नेटवर्क के लिए उपभोक्ता मामले मंत्रालय का लीगल मेट्रोलॉजी डिवीजन नोडल एजेंसी है। परियोजना को राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (NPL), इसरो (ISRO), BSNL और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है।
तकनीकी महत्व और साइबर सुरक्षा
मंत्री जोशी ने जोर देकर कहा कि यह स्वदेशी प्रणाली ग्लोबल कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम (UTC) प्रोटोकॉल के अनुरूप कार्य करती है और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को बनाए रखते हुए भारत की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करती है। बाहरी टाइम रेफरेंस पर निर्भरता घटने से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को साइबर-अटैक और डेटा मैनिपुलेशन जैसे जोखिमों से अधिकतम सुरक्षा मिलेगी।
यह हाई-प्रिसिजन टाइम सिंक्रोनाइजेशन तकनीक विशेष रूप से हाई-फ्रीक्वेंसी फाइनेंशियल मार्केट, स्टॉक एक्सचेंज, डिजिटल बैंकिंग पेमेंट, टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क और राष्ट्रीय पावर ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने में क्रांतिकारी भूमिका निभाने की क्षमता रखती है।
डिजिटल संप्रभुता की दिशा में कदम
गौरतलब है कि भारत अब तक समय-समन्वय के लिए काफी हद तक GPS जैसी विदेशी प्रणालियों पर निर्भर रहा है, जो रणनीतिक दृष्टि से एक संवेदनशील बिंदु माना जाता था। यह नया नेटवर्क उस निर्भरता को समाप्त कर भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को संप्रभु बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। मंत्री जोशी ने कहा कि ये एकसमान टाइम प्रोटोकॉल भविष्य के टेक्नोलॉजी-संचालित डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं की पारदर्शिता के लिए एक बुनियादी आधार-स्तंभ का कार्य करेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
इस उद्घाटन समारोह में उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे, अपर सचिव अनुपम मिश्रा, लीगल मेट्रोलॉजी के निदेशक आशुतोष अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्या होगा आगे
यह डेमोंस्ट्रेशन नेटवर्क अभी प्रारंभिक चरण में है। अधिकारियों के अनुसार, इसके सफल परीक्षण के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में विस्तारित किया जाएगा, जिससे भारत के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक विश्वसनीय और स्वदेशी समय-स्रोत उपलब्ध होगा।