BWF विश्व चैंपियनशिप 2026: BAI महासचिव संजय मिश्रा बोले — रौनक, उन्नति, आयुष जैसे युवा हैं भारत के भावी चैंपियन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बैडमिंटन संघ (BAI) के मानद महासचिव संजय मिश्रा ने 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित BWF विश्व चैंपियनशिप 2026 के लॉन्च इवेंट के दौरान कहा कि भारतीय बैडमिंटन की नई पीढ़ी असाधारण प्रतिभा से भरी है और देश का बैडमिंटन भविष्य निस्संदेह उज्ज्वल है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के उभरते प्रदर्शन और BAI की व्यापक अवसंरचना योजनाओं को इस आशावाद का आधार बताया।
युवा प्रतिभाओं पर भरोसा
मिश्रा ने कहा, 'रौनक चौहान, उन्नति, हुडा, तन्वी शर्मा जैसे युवा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। आयुष शेट्टी भी बेहद प्रतिभावान हैं। ये सभी भविष्य के चैंपियन हैं। हमारा नया जेनरेशन शानदार है और बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है।' उनके अनुसार जूनियर और सीनियर स्तर के बीच प्रदर्शन का अंतर 2023 के बाद से लगातार कम हो रहा है, और अगले 2-3 वर्षों में ठोस परिणाम सामने आएंगे।
कोचिंग और तकनीकी ढाँचे को मज़बूत करने की योजना
मिश्रा ने बताया कि BAI स्थानीय स्तर पर कोचों, तकनीकी अधिकारियों और फिजियोथेरेपिस्टों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही है। उन्होंने कहा, 'हम बहुत ही शुरुआती स्तर पर कोचों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। बेहतर कोच का होना बेहद अहम है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन सर्किट में अपनी गहराई बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
सीनियर खिलाड़ियों की देखभाल
शीर्ष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के लिए निजी प्रशिक्षकों और फिजियोथेरेपिस्टों की विशेष व्यवस्था की गई है। मिश्रा ने कहा, 'खिलाड़ियों को इंजरी से बचाने और उनके खेल में लगातार सुधार लाने के लिए हम काम कर रहे हैं। हम अपनी तरफ से हर सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं।'
BWF विश्व चैंपियनशिप 2026 का आयोजन
गौरतलब है कि BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप का 30वाँ संस्करण नई दिल्ली में 17 से 23 अगस्त 2026 के बीच आयोजित होगा। लॉन्च इवेंट में BAI अध्यक्ष एवं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, संजय मिश्रा, वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय बैडमिंटन के दिग्गज कोच पुलेला गोपीचंद उपस्थित रहे। यह आयोजन भारत के बैडमिंटन कैलेंडर में एक ऐतिहासिक पड़ाव है।
आगे की राह
BAI का यह समग्र दृष्टिकोण — जमीनी स्तर पर कोचिंग से लेकर सीनियर खिलाड़ियों के लिए विशेष सहायता तक — दर्शाता है कि संघ केवल मौजूदा सितारों पर निर्भर नहीं रहना चाहता, बल्कि एक टिकाऊ प्रतिभा पाइपलाइन तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। आने वाले महीनों में विश्व चैंपियनशिप की मेज़बानी इस दिशा में भारत की प्रतिबद्धता की परीक्षा भी होगी।