एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय बैडमिंटन टीम घोषित: सिंधु, सात्विक-चिराग और लक्ष्य सेन करेंगे अगुवाई
सारांश
मुख्य बातें
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) की चयन समिति ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय बैडमिंटन दल की आधिकारिक घोषणा कर दी है। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु, एशियन गेम्स 2022 के पुरुष डबल्स स्वर्ण विजेता सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी तथा भारत के शीर्ष पुरुष एकल खिलाड़ी लक्ष्य सेन इस टीम की अगुवाई करेंगे। ये खेल जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित होंगे।
चयन का आधार
BAI की चयन समिति ने 26 मई 2026 तक की BWF (बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन) रैंकिंग और हालिया राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर यह टीम चुनी। पुरुष टीम में इस वर्ष के BWF थॉमस कप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अधिकांश प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं, जो दर्शाता है कि चयनकर्ताओं ने निरंतरता को प्राथमिकता दी है।
अनुभव और नई पीढ़ी का संतुलन
अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ उभरती प्रतिभाओं को भी इस दल में जगह मिली है। बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले आयुष शेट्टी, BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप की व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक विजेता तन्वी शर्मा और टीम चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली उन्नति हुड्डा को अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर शानदार प्रदर्शन के बाद स्थान दिया गया है। एचएस प्रणय और किदांबी श्रीकांत जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी टीम में हैं, जिन्होंने 2022 के एडिशन में भारत के ऐतिहासिक रजत पदक में अहम योगदान दिया था।
डबल्स और मिश्रित युगल की ताकत
पुरुष डबल्स में हरिहरन अमसाकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी मजबूत फॉर्म में है। अर्जुन के पास 2022 के पुरुष टीम इवेंट में रजत पदक जीतने का अनुभव भी है। महिला डबल्स में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद पुलेला की जोड़ी मुख्य चुनौती पेश करेगी, जिन्हें कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी का साथ मिलेगा। थाईलैंड मास्टर्स सुपर 300 चैंपियन देविका सिहाग, ईशरानी बरुआ और थारुन मन्नेपल्ली भारत की एकल क्षमता को और मजबूत करते हैं। मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी उतरेगी।
भारत का एशियन गेम्स बैडमिंटन में इतिहास
एशियन गेम्स के इतिहास में भारत अब तक बैडमिंटन में कुल 13 पदक जीत चुका है। 2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स भारत का सबसे सफल अभियान रहा, जिसमें 1 स्वर्ण (सात्विक-चिराग, पुरुष डबल्स), 1 रजत (पुरुष टीम) और 1 कांस्य (प्रणय, पुरुष एकल) पदक मिले। गौरतलब है कि देश का सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियन गेम्स का है, जब भारत ने 5 कांस्य पदक हासिल किए थे।
पूरा भारतीय दल
टीम चैंपियनशिप — पुरुष टीम: लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी, एचएस प्रणय, किदांबी श्रीकांत, थारुन मन्नेपल्ली, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी, हरिहरन अमसाकरुणन, एमआर अर्जुन, ध्रुव कपिला।
टीम चैंपियनशिप — महिला टीम: पीवी सिंधु, उन्नति हुड्डा, देविका सिहाग, तन्वी शर्मा, ईशरानी बरुआ, ट्रीसा जॉली, गायत्री गोपीचंद पुलेला, कविप्रिया सेल्वम, सिमरन सिंघी, तनीषा क्रास्टो।
व्यक्तिगत चैंपियनशिप — पुरुष एकल: लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी। महिला एकल: पीवी सिंधु, उन्नति हुड्डा। पुरुष डबल्स: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी/चिराग शेट्टी; हरिहरन अमसाकरुणन/एमआर अर्जुन। महिला डबल्स: ट्रीसा जॉली/गायत्री गोपीचंद पुलेला; कविप्रिया सेल्वम/सिमरन सिंघी। मिश्रित डबल्स: ध्रुव कपिला/तनीषा क्रास्टो।
यह दल आइची-नागोया में 2022 के स्वर्णिम प्रदर्शन को दोहराने और उससे आगे जाने की महत्वाकांक्षा के साथ उतरेगा।