19 जुलाई 2026
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राजस्थान CM भजनलाल शर्मा का साइबर जालसाजों पर प्रहार, R4C और 1930 हेल्पलाइन का किया निरीक्षण

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राजस्थान CM भजनलाल शर्मा का साइबर जालसाजों पर प्रहार, R4C और 1930 हेल्पलाइन का किया निरीक्षण

सारांश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साइबर अपराध के खिलाफ मोर्चा खोला — R4C का सीधा निरीक्षण, जालसाजों की संपत्ति ज़ब्त करने के आदेश, और 21 जुलाई को बैंकों के साथ SLBC बैठक। 1930 हेल्पलाइन अब 53 लाइनों पर, 95% शिकायतें दर्ज।

मुख्य बातें

CM भजनलाल शर्मा ने 18 जुलाई 2026 को जयपुर में R4C और 1930 साइबर हेल्पलाइन का निरीक्षण किया।
1930 हेल्पलाइन पर 95% शिकायतें अब दर्ज; क्षमता 30 से बढ़ाकर 53 लाइन , जल्द 60 होगी।
₹5 लाख से अधिक की धोखाधड़ी में 412 ई-ज़ीरो FIR दर्ज।
साइबर जालसाजों की अवैध संपत्ति और बैंक खाता दुरुपयोगकर्ताओं पर भी कड़ी कार्रवाई के आदेश।
गृह मंत्रालय ने 2026 में राजस्थान पुलिस के 54 कर्मियों को साइबर प्रशिक्षण के लिए चुना।
21 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विशेष SLBC बैठक आयोजित होगी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 18 जुलाई 2026 को जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में राजस्थान साइबर अपराध नियंत्रण केंद्र (R4C) और 1930 साइबर हेल्पलाइन का सीधे जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम कसने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब डिजिटल ठगी के मामले राज्यभर में तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों को सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य संचार माध्यमों के ज़रिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सचेत करने के लिए विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी ज़ोर दिया।

त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए शर्मा ने पुलिस को बैंकों के साथ समन्वय मज़बूत करने का आदेश दिया, ताकि धोखाधड़ी वाले खातों को तत्काल फ्रीज किया जा सके। साइबर अपराध की पहचान और रोकथाम में गति लाने के लिए आधुनिक तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग को अनिवार्य बताया गया।

उन्होंने पुलिस को न केवल साइबर जालसाजों के विरुद्ध, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि जो लोग अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध के लिए होने देते हैं, उनके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

1930 हेल्पलाइन की मौजूदा स्थिति

पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 1930 साइबर हेल्पलाइन पर प्राप्त लगभग 95 प्रतिशत शिकायतें अब दर्ज होकर तत्काल निपटाई जा रही हैं। पहले यह हेल्पलाइन 30 कॉल लाइनों के साथ संचालित होती थी, जिसे अब 53 लाइनों तक विस्तारित कर तीन शिफ्टों में चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही क्षमता को 60 लाइनों तक बढ़ाया जाएगा।

जून 2026 तक TCS और NRCP प्रणालियों के तहत हेल्पलाइन की कॉल-हैंडलिंग क्षमता और प्रतिक्रिया दर दोनों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। ₹5 लाख से अधिक की रकम से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामलों में 412 ई-ज़ीरो FIR दर्ज की जा चुकी हैं।

साइबर अभियानों की सफलता

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को राज्यव्यापी साइबर प्रवर्तन अभियानों की जानकारी दी — जिनमें ऑपरेशन वज्र प्रहार, ऑपरेशन साइबर शील्ड, ऑपरेशन एंटी-वायरस और ऑपरेशन म्यूल हंटर शामिल हैं। इन अभियानों के परिणामस्वरूप साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, पीड़ितों को ठगी की रकम की वापसी, तथा संदिग्ध सिम कार्ड और मोबाइल IMEI नंबर बड़े पैमाने पर ब्लॉक किए गए।

गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने वर्ष 2026 के दौरान डिजिटल सुरक्षा और साइबर जाँच में विशेष प्रशिक्षण के लिए राजस्थान पुलिस के 54 कर्मियों का चयन किया है।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में 21 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में बैंकों और साइबर पुलिस के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करने पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने R4C के लिए एक समर्पित भवन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है, जो केंद्र के संचालन को और अधिक सक्षम बनाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है — 1930 हेल्पलाइन पर 95% शिकायतें 'दर्ज' होना और उन पर 'कार्रवाई' होना दो अलग बातें हैं। ऑपरेशन वज्र प्रहार जैसे अभियानों की सफलता के आँकड़े — गिरफ्तारियाँ, वसूली की रकम, ब्लॉक किए गए सिम — सार्वजनिक नहीं किए गए, जो पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। बैंक खाता दुरुपयोगकर्ताओं पर कार्रवाई का निर्देश स्वागतयोग्य है, परंतु इसके लिए स्पष्ट कानूनी ढाँचे की ज़रूरत है जो अभी तक परिभाषित नहीं है। 21 जुलाई की SLBC बैठक यह तय करेगी कि यह निरीक्षण महज़ दिखावे की कवायद था या ज़मीनी बदलाव की शुरुआत।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान साइबर अपराध नियंत्रण केंद्र (R4C) क्या है?
R4C यानी राजस्थान साइबर अपराध नियंत्रण केंद्र, जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में संचालित एक विशेष इकाई है जो राज्य में साइबर अपराधों की निगरानी, जाँच और रोकथाम का काम करती है। यह केंद्र 1930 साइबर हेल्पलाइन के साथ मिलकर पीड़ितों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करता है।
1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत कैसे करें?
1930 एक राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर है जिस पर कॉल करके ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। राजस्थान में यह हेल्पलाइन अब 53 लाइनों पर तीन शिफ्टों में संचालित है और 95% शिकायतें तत्काल दर्ज की जा रही हैं।
CM भजनलाल शर्मा ने साइबर अपराध पर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 18 जुलाई 2026 को R4C निरीक्षण के दौरान पुलिस को साइबर जालसाजों और उनकी अवैध संपत्तियों पर कड़ी कार्रवाई, बैंकों के साथ समन्वय, धोखाधड़ी वाले खातों की त्वरित फ्रीज़िंग, और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
राजस्थान में साइबर अपराध के खिलाफ कौन-से अभियान चलाए गए हैं?
राजस्थान पुलिस ने ऑपरेशन वज्र प्रहार, ऑपरेशन साइबर शील्ड, ऑपरेशन एंटी-वायरस और ऑपरेशन म्यूल हंटर जैसे राज्यव्यापी अभियान चलाए हैं। इनसे साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, पीड़ितों को धन की वापसी और बड़े पैमाने पर संदिग्ध सिम कार्ड व IMEI नंबर ब्लॉक किए गए हैं।
21 जुलाई की SLBC बैठक में क्या होगा?
21 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विशेष राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक होगी, जिसमें बैंकों और साइबर पुलिस के बीच समन्वय को मज़बूत करने पर चर्चा होगी। इसका मुख्य उद्देश्य धोखाधड़ी वाले खातों को तत्काल फ्रीज़ करने की प्रक्रिया को और तेज़ करना है।
राष्ट्र प्रेस
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