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क्या झारखंड में हर दिन 69 साइबर अपराध हो रहे हैं?

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क्या झारखंड में हर दिन 69 साइबर अपराध हो रहे हैं?

सारांश

झारखंड में साइबर अपराध की घटनाएँ प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, हर दिन औसतन 69 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हो रही हैं। जानिए इस मुद्दे पर झारखंड पुलिस की कार्रवाई और नए मोबाइल ऐप की भूमिका के बारे में।

मुख्य बातें

झारखंड में औसतन 69 साइबर अपराध रोज़ होते हैं।
पुलिस ने 1241 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
प्रतिबिंब ऐप साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
साइबर सुरक्षा के उपायों को अपनाना आवश्यक है।
डायल-1930 पर शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया सरल है।

रांची, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में हर दिन औसतन 69 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज की जा रही हैं और लगभग 7 साइबर अपराधी दैनिक आधार पर गिरफ्तार किए जा रहे हैं। यह जानकारी झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी अभियान माइकल राज द्वारा साझा की गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनवरी से जून 2025 तक के आंकड़े प्रस्तुत किए गए। बताया गया कि इस अवधि में डायल-1930 साइबर हेल्पलाइन पर कुल 11,910 शिकायतें आईं, अर्थात् लगभग 66 शिकायतें हर दिन। इसी अवधि में राज्य के विभिन्न थानों में 620 साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए, जो कि प्रतिदिन औसतन 3 से अधिक मामले हैं।

पुलिस ने इन मामलों की जांच के दौरान 767 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा, प्रतिबिंब ऐप के माध्यम से दर्ज 83 मामलों में 474 साइबर अपराधियों को पकड़ा गया। इस प्रकार, छह महीनों में कुल 1241 साइबर अपराधी पकड़े गए, यानी प्रतिदिन 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

आईजी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुल 5.43 लाख रुपये नकद, 1664 सिम कार्ड, 1283 मोबाइल फोन, 135 एटीएम कार्ड, 20 दोपहिया वाहन, 8 चारपहिया वाहन, 19 लैपटॉप, 37 बैंक पासबुक, 24 बैंक चेक बुक, 3 स्वाइप मशीन और 1 राउटर जब्त किया गया।

डायल-1930 पर दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने 15.90 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की और अदालत के माध्यम से 83.84 लाख रुपये पीड़ितों के खातों में वापस किए।

बताया गया कि नवंबर 2023 में लॉन्च किया गया ‘प्रतिबिंब’ मोबाइल ऐप साइबर अपराध पर नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह ऐप न केवल धोखाधड़ी में उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों की पहचान करता है, बल्कि उनकी वास्तविक समय की स्थिति भी प्रदान करता है, जिससे पुलिस को अपराधियों तक पहुँचने में सहायता मिल रही है।

आईजी माइकल राज ने बताया कि साइबर ठग अब नई तकनीक का उपयोग कर आम जनता को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने भी अपनी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में काम किया है ताकि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी अनजान कॉल पर अपनी जानकारी साझा न करें। किसी भी साइबर ठगी की घटना होने पर तुरंत डायल-1930 पर फोन करके शिकायत करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लोगों को भी अपनी सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है। एक जागरूक नागरिक के रूप में, हमें इन अपराधों के प्रति सजग रहना चाहिए और साइबर सुरक्षा के उपायों को अपनाना चाहिए।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में साइबर अपराध की घटनाएँ कितनी बढ़ी हैं?
झारखंड में हर दिन औसतन 69 साइबर अपराध की घटनाएँ दर्ज हो रही हैं।
साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया क्या है?
पुलिस ने अब तक 1241 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें विभिन्न तकनीकी उपायों का उपयोग किया गया है।
साइबर अपराध से बचने के लिए क्या करें?
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान कॉल पर अपनी जानकारी साझा न करें।
प्रतिबिंब ऐप का क्या उपयोग है?
यह ऐप धोखाधड़ी में उपयोग किए गए मोबाइल नंबरों की पहचान करता है और उनकी वास्तविक समय की स्थिति प्रदान करता है।
डायल-1930 का क्या महत्व है?
डायल-1930 साइबर हेल्पलाइन है, जहाँ आप तुरंत शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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