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क्या गुजरात ने साइबर अपराध नेटवर्क को उखाड़ फेंकने के लिए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ शुरू किया?

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क्या गुजरात ने साइबर अपराध नेटवर्क को उखाड़ फेंकने के लिए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ शुरू किया?

सारांश

गुजरात पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी पर काबू पाने के लिए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य म्यूल बैंक खातों के माध्यम से संचालित होने वाले साइबर अपराधियों के नेटवर्क को समाप्त करना है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में इस पहल की समीक्षा की गई।

मुख्य बातें

ऑपरेशन म्यूल हंट का उद्देश्य साइबर अपराधियों का नेटवर्क समाप्त करना है।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं।
साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए साइबर पुलिस थानों का विस्तार किया गया है।
साइबर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
जनता से धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग के लिए हेल्पलाइन 1930 का उपयोग किया जा रहा है।

अहमदाबाद, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात पुलिस ने राज्य में बढ़ती साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी संदर्भ में, गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट' की शुरुआत की है। यह एक समन्वित योजना है, जिसका लक्ष्य म्यूल बैंक खातों के जरिये संचालित होने वाले साइबर अपराधियों के संपूर्ण नेटवर्क को समाप्त करना है।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक में इस पहल का मूल्यांकन किया गया, जिसमें उन्होंने राज्यभर की पुलिस इकाइयों को विस्तृत साइबर अपराध विश्लेषण के आधार पर बैंकों से लेकर पुलिस थानों तक सत्यापन अभियान को तेज करने के निर्देश दिए।

संघवी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल खाता संचालकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इन घोटालों के पीछे के मास्टरमाइंड तक पूरी श्रृंखला का पता लगाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि किसी भी निर्दोष खाताधारक को परेशान नहीं किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि साइबर अपराध से जुड़े नहीं होने वाले व्यक्तियों का संपूर्ण सत्यापन किया जाना चाहिए और उनके साथ विचारपूर्वक पेश आना चाहिए।

सीआईडी क्राइम के डीजीपी, पुलिस आयुक्त, रेंज आईजी और जिला पुलिस प्रमुखों सहित वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए, ताकि अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत किया जा सके और पूरे गुजरात में साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम और पता लगाने में तेजी लाई जा सके।

गुजरात में हाल के वर्षों में साइबर अपराध में लगातार वृद्धि देखी गई है, जिसमें ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और फिशिंग से लेकर पहचान की चोरी और ओटीपी घोटाले तक के मामले शामिल हैं।

गुजरात पुलिस ने जांच की गति और गुणवत्ता में सुधार के लिए जिलों में समर्पित साइबर पुलिस थानों का विस्तार किया है, साइबर जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की हैं और अधिकारियों को डिजिटल फोरेंसिक में प्रशिक्षित किया है।

जन-केंद्रित पहलों में राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान, स्कूल-कॉलेज कार्यशालाएं और नागरिकों से धोखाधड़ी की त्वरित रिपोर्टिंग के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 का उपयोग करने का आग्रह करने वाले अभियान शामिल हैं, जिससे धन की वसूली की संभावना काफी बढ़ जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। इस प्रकार की पहल से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और साइबर अपराध से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन म्यूल हंट क्या है?
यह एक समन्वित कार्य योजना है, जिसका उद्देश्य म्यूल बैंक खातों के माध्यम से काम करने वाले साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को उखाड़ फेंकना है।
इस अभियान का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस अभियान का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी कर रहे हैं।
गुजरात में साइबर अपराध की स्थिति क्या है?
गुजरात में हाल के वर्षों में साइबर अपराध में वृद्धि देखी गई है, जिसमें ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फिशिंग, पहचान की चोरी, और ओटीपी घोटाले शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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