शी चिनफिंग-अनुतिन मुलाकात: शंघाई में चीन-थाईलैंड ने एआई, रेल और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग पर जताई प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 18 जुलाई 2026 को शंघाई के शिच्याओ होटल में थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल से द्विपक्षीय वार्ता की। अनुतिन 2026 विश्व एआई सम्मेलन और एआई वैश्विक शासन पर उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए चीन की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं — और यह उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद की पहली चीन यात्रा है।
मुलाकात में क्या हुआ
शी चिनफिंग ने बैठक में कहा कि चीन और थाईलैंड के बीच मित्रता हजारों वर्षों पुरानी है और 'चीन-थाईलैंड एक परिवार' का रिश्ता आज भी उतना ही गहरा है। उन्होंने रणनीतिक आपसी विश्वास को और सुदृढ़ करने तथा एक अधिक स्थिर, समृद्ध और टिकाऊ चीन-थाईलैंड समुदाय के निर्माण में तेजी लाने का आह्वान किया।
शी ने इस बात पर जोर दिया कि चीन थाईलैंड को उसकी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास का रास्ता चुनने में पूरा समर्थन देता है और नई थाई सरकार के सुचारू शासन में सहयोग करेगा। उन्होंने विदेश एवं रक्षा मंत्रियों के बीच '2+2' रणनीतिक संवाद तंत्र को प्रभावी ढंग से उपयोग में लाने की भी बात कही।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
दोनों नेताओं ने रेल संपर्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), एयरोस्पेस, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यटन, मीडिया और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही दोनों देशों ने ऑनलाइन जुआ और दूरसंचार धोखाधड़ी से संयुक्त रूप से निपटने की प्रतिबद्धता भी जाहिर की।
बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के संदर्भ में शी ने एपेक, चीन-आसियान और लांकांग-मेकोंग सहयोग तंत्रों में थाईलैंड के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।
थाईलैंड का पक्ष
प्रधानमंत्री अनुतिन ने अपनी पहली आधिकारिक चीन यात्रा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि थाईलैंड दृढ़ता से एक-चीन नीति का पालन करता है। उन्होंने व्यापार, निवेश, उच्च प्रौद्योगिकी और संपर्क व्यवस्था में सहयोग विस्तार के प्रति थाईलैंड की प्रतिबद्धता दोहराई।
अनुतिन ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति शी द्वारा प्रस्तुत चार वैश्विक पहलें बहुपक्षवाद की भावना को मजबूत करती हैं और थाईलैंड उनका सक्रिय समर्थन करता है। उन्होंने थाई-कंबोडिया संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान में चीन की निष्पक्ष भूमिका की सराहना भी की।
क्षेत्रीय संदर्भ और आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में चीन की कूटनीतिक सक्रियता तेज हो रही है और एआई शासन वैश्विक एजेंडे पर केंद्रीय स्थान ले रहा है। गौरतलब है कि 2026 विश्व एआई सम्मेलन का शंघाई में आयोजन चीन की तकनीकी नेतृत्व की छवि को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लाभ को आम नागरिकों तक पहुंचाना अब दोनों सरकारों की प्राथमिकता बताई जा रही है।