शी चिनफिंग और हुन मानेट की शांगहाई में मुलाकात, 'हीरा षट्भुज' ढांचे को मजबूत करने पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 17 जुलाई 2026 को शांगहाई के शिच्याओ होटल में कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट से द्विपक्षीय वार्ता की। हुन मानेट 2026 विश्व एआई सम्मेलन और एआई वैश्विक शासन पर उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए चीन की कार्य यात्रा पर आए हुए हैं।
दोनों नेताओं के बीच मुख्य घटनाक्रम
बैठक में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और कंबोडिया ने हर कठिन दौर में एक-दूसरे का साथ दिया है और दोनों देशों की मित्रता समय की कसौटी पर खरी उतरी है। उन्होंने इसे पीढ़ियों से चली आ रही अमूल्य धरोहर बताया।
शी ने 'हीरा षट्भुज' सहयोग ढांचे को और समृद्ध करने तथा नए युग में साझा भविष्य वाले सर्वांगीण चीन-कंबोडिया समुदाय के निर्माण को नई ऊंचाई पर ले जाने का आह्वान किया, ताकि दोनों देशों की जनता को अधिकतम लाभ मिल सके।
सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग
शी चिनफिंग ने विदेश, रक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्रों में '3+3' रणनीतिक संवाद तंत्र के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने नकली सामान, तस्करी, ऑनलाइन जुआ और दूरसंचार धोखाधड़ी जैसे सीमा पार अपराधों पर संयुक्त कार्रवाई को प्राथमिकता देने की बात कही।
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में दूरसंचार धोखाधड़ी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, और कंबोडिया इस समस्या से सर्वाधिक प्रभावित देशों में रहा है।
कंबोडिया-थाईलैंड तनाव पर चीन की भूमिका
शी चिनफिंग ने कंबोडिया और थाईलैंड के बीच युद्धविराम को मजबूत बनाने और आपसी विश्वास बहाल करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि चीन दोनों देशों के बीच संवाद और वार्ता के माध्यम से समाधान खोजने में सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा विवाद को लेकर तनाव बढ़ा है, और चीन की मध्यस्थता की इच्छा इस क्षेत्र में उसकी बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है।
हुन मानेट का रुख और कंबोडिया की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री हुन मानेट ने 2026 विश्व एआई सम्मेलन के सफल आयोजन पर चीन को बधाई दी और कहा कि शी चिनफिंग के विचार एआई वैश्विक शासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कंबोडिया के आर्थिक और सामाजिक विकास में चीन के दीर्घकालिक सहयोग के प्रति आभार जताया।
हुन मानेट ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, चीन के साथ कंबोडिया की घनिष्ठ मित्रता और सहयोग की नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने एक-चीन सिद्धांत के प्रति कंबोडिया की अटल प्रतिबद्धता भी दोहराई।
आगे क्या होगा
इस वर्ष कंबोडियाई जनवादी पार्टी की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है। शी चिनफिंग ने कहा कि चीन पार्टी और देश के शासन के अनुभव कंबोडिया के साथ साझा करने के लिए तैयार है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग करने और दूरसंचार धोखाधड़ी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई तेज करने पर सहमति जताई है।