शी चिनफिंग और हुन सेन की बीजिंग में मुलाकात, चीन-कंबोडिया साझेदारी को नई मजबूती
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के महासचिव और राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 26 जून 2026 को बीजिंग में कंबोडियाई पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष और सीनेट के अध्यक्ष हुन सेन से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को बनाए रखने पर विचार-विमर्श किया।
मुख्य घटनाक्रम
शी चिनफिंग ने बैठक की शुरुआत में कंबोडियाई पीपुल्स पार्टी की 75वीं वर्षगांठ पर बधाई दी और विश्वास जताया कि पार्टी के नेतृत्व में कंबोडिया राष्ट्र-निर्माण और पुनरुत्थान के पथ पर नई उपलब्धियाँ अर्जित करता रहेगा। उन्होंने पिछले वर्ष अप्रैल में की गई अपनी कंबोडिया राजकीय यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान दोनों देशों ने नए युग में चीन-कंबोडिया साझा भविष्य समुदाय के निर्माण का नया अध्याय शुरू किया था।
शी चिनफिंग ने रेखांकित किया कि पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास और सुदृढ़ हुआ है, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग गहरा हुआ है और दोनों देशों की परंपरागत मित्रता ने नए दौर में नई प्रासंगिकता हासिल की है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर
शी चिनफिंग ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिस्थितियाँ जटिल बदलावों के दौर से गुजर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे समय में चीन और कंबोडिया को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास को सुदृढ़ करना चाहिए। दोनों देशों को रणनीतिक आपसी विश्वास की नींव और मजबूत करनी चाहिए तथा रणनीतिक सहयोग का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
शी चिनफिंग ने एक-चीन सिद्धांत का पालन करने और चीन की प्रमुख अवधारणाओं व पहलों का समर्थन करने के लिए कंबोडिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि चीन, कंबोडिया के साथ समन्वय और सहयोग बढ़ाने के लिए तत्पर है ताकि क्षेत्र में पड़ोसी देशों के बीच मित्रता, सहयोग और उभय-जीत की भावना को और मजबूती मिले।
हुन सेन की प्रतिक्रिया
हुन सेन ने कहा कि वे चीन-कंबोडिया की अटूट मित्रता और नए युग में साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के बारे में शी चिनफिंग के आकलन से पूर्णतः सहमत हैं। उन्होंने सीपीसी के नेतृत्व में चीन द्वारा हासिल की गई विकास उपलब्धियों पर बधाई दी और कहा कि चीन ने वैश्विक दक्षिण के देशों — विशेषकर कंबोडिया — की स्थिरता और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
हुन सेन ने राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास का मार्ग चुनने, आर्थिक और सामाजिक विकास को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा में लगातार समर्थन देने के लिए चीन का आभार व्यक्त किया।
ताइवान और एक-चीन नीति
हुन सेन ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति में चाहे कितना भी बदलाव आए, कंबोडिया चीन के साथ अपनी मित्रता पर अडिग रहेगा। उन्होंने एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से समर्थन करने, चीन के पूर्ण राष्ट्रीय एकीकरण के प्रयासों का साथ देने और किसी भी प्रकार की 'ताइवान स्वतंत्रता' की अलगाववादी गतिविधियों का विरोध करने का संकल्प दोहराया।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में चीन के कूटनीतिक प्रभाव को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज है। गौरतलब है कि कंबोडिया लंबे समय से आसियान देशों में चीन का प्रमुख रणनीतिक साझेदार रहा है। दोनों देशों के बीच यह उच्च-स्तरीय संवाद द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने का संकेत देता है।