शहबाज शरीफ की शी जिनपिंग से बीजिंग में मुलाकात, पाक-चीन कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 25 मई 2025 को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की, जो उनके चार दिवसीय चीन दौरे का केंद्रबिंदु रही। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। शरीफ ने इस मुलाकात को 'बहुत अच्छा और सौहार्दपूर्ण' बताया तथा कहा कि पाकिस्तान-चीन की दोस्ती बदलती दुनिया में शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि के लिए एक मज़बूत ताकत बनी हुई है।
मुलाकात में कौन-कौन शामिल रहे
पीएम शहबाज के साथ इस उच्चस्तरीय बैठक में डिप्टी प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर भी उपस्थित थे। बैठक ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित हुई, जहाँ दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
शहबाज शरीफ का बयान
शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बहुत अच्छी और सौहार्दपूर्ण मीटिंग हुई, क्योंकि पाकिस्तान और चीन कूटनीतिक संबंधों के 75 शानदार साल मना रहे हैं।' उन्होंने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान-चीन सर्वकालिक रणनीतिक सहयोगी साझेदारी पाकिस्तान की विदेश नीति की नींव बनी हुई है।
शरीफ ने शी जिनपिंग को क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए उनके 'दूरदर्शी चार-बिंदु प्रस्ताव' के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रणनीतिक समन्वय को गहरा करने, उच्च-गुणवत्ता वाले सीपीईसी (CPEC) विकास को आगे बढ़ाने तथा उद्योग, कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल रूपांतरण और अंतरिक्ष सहयोग के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
शी जिनपिंग की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में संबोधन के दौरान कहा, 'चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, ताकि नए दौर में एक साझा भविष्य वाली चीन-पाकिस्तान समुदाय को और भी करीब से बनाया जा सके, इलाके की शांति और स्थिरता में योगदान दिया जा सके और पड़ोसी देशों के बीच साझा भविष्य वाला समुदाय बनाने के लिए एक मिसाल कायम की जा सके।' शी ने पीएम शहबाज को 'पुराना दोस्त' बताया और कहा कि दशकों की पारस्परिक समझ एवं विश्वास ने दोनों देशों के बीच दोस्ती की एक ऐसी परंपरा बनाई है जो कभी नहीं टूटती।
सीपीईसी और सहयोग के नए आयाम
गौरतलब है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) दोनों देशों की साझेदारी का सबसे महत्त्वपूर्ण स्तंभ रहा है। इस बैठक में उच्च-गुणवत्ता वाले सीपीईसी के अगले चरण पर विशेष ज़ोर दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ तेज़ी से बदल रही हैं और पाकिस्तान अपनी आर्थिक स्थिरता के लिए चीन के निवेश पर बड़े पैमाने पर निर्भर है।
आगे की राह
इस यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं से उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहयोग के क्षेत्रों में नई संयुक्त परियोजनाओं की घोषणा हो सकती है। विश्लेषकों के अनुसार, कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का यह अवसर दोनों देशों के लिए अपनी साझेदारी को नई दिशा देने का महत्त्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।