करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को CM विजय देंगे सरकारी नौकरी, 10 जुलाई को करूर दौरा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय शुक्रवार, 10 जुलाई को करूर के दौरे पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने हाल ही में हुई करूर भगदड़ में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के पात्र सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को कल्याणकारी सहायता भी वितरित की।
मुख्यमंत्री का दौरा और कार्यक्रम
मुख्यमंत्री विजय सुबह हवाई मार्ग से चेन्नई से रवाना हुए और तिरुचिरापल्ली (तिरुची) हवाई अड्डे पर उतरने के बाद सड़क मार्ग से करूर पहुँचे। पूरे मार्ग पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने करूर-सेलम बाइपास रोड स्थित एटलस कलैयारंगम मैदान पहुँचने से पहले लगभग 10 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर विशाल पंडाल की व्यवस्था की गई थी।
भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को राहत
जनसभा के बाद मुख्यमंत्री करूर जिला कलेक्ट्रेट पहुँचे, जहाँ आयोजित आधिकारिक सरकारी कार्यक्रम में उन्होंने भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के पात्र सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति के तहत नियुक्ति पत्र सौंपे। यह कदम राज्य सरकार के राहत और पुनर्वास उपायों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शोकाकुल परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भगदड़ की घटना के बाद पीड़ित परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। अनुकंपा नियुक्तियाँ इन परिवारों के लिए दीर्घकालिक सहारे का काम करेंगी।
कल्याणकारी सहायता वितरण
नियुक्ति पत्रों के अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत चयनित लाभार्थियों को कल्याणकारी सहायता और अन्य लाभ भी वितरित किए। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी परिवार शामिल हुए।
सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए करूर जिले में लगभग 6,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। यात्रा मार्ग, जनसभा स्थल, जिला कलेक्ट्रेट और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा कड़ी रही। काफिले की निर्बाध आवाजाही के लिए विशेष यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम किए गए।
आगे की राह
आधिकारिक कार्यक्रमों की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री विजय सड़क मार्ग से तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे लौटे और शाम को चेन्नई के लिए रवाना हुए। राज्य सरकार के इस कदम से भगदड़ पीड़ित परिवारों को पुनर्वास की दिशा में ठोस सहायता मिलने की उम्मीद है।