ई20 पेट्रोल से माइलेज में 3-5% गिरावट संभव, पर ऑक्टेन रेटिंग-उत्सर्जन में बड़े फायदे: पेट्रोलियम मंत्रालय
सारांश
मुख्य बातें
पेट्रोलियम मंत्रालय ने 10 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि ई20 ईंधन मिश्रण से कुछ वाहनों के माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है, लेकिन मंत्रालय के अनुसार माइलेज मात्र एक पैमाना है — ई20 उच्च ऑक्टेन रेटिंग, बेहतर एंटी-नॉक गुण, तेज़ दहन क्षमता, बेहतर पिकअप और इंजन की स्वच्छ कार्यप्रणाली जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है। मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि ई20 को ई10 या शुद्ध पेट्रोल की तुलना में अधिक साफ, बेहतर गुणवत्ता वाला और अधिक कुशल ईंधन माना जा सकता है।
ई20 की तैयारी और परामर्श प्रक्रिया
मंत्रालय ने बताया कि ई10 अनुकूलता के लिए 2020-21 में ही वाहन निर्माताओं से विस्तृत विचार-विमर्श किया जा चुका था। भारत ने जून 2022 में पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल किया, जो एथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2020-21 में निर्धारित समय-सीमा से पाँच महीने पहले था।
मंत्रालय के नोट के अनुसार, ई20 के लिए और भी कठोर प्रक्रिया अपनाई गई। ऑटोमोबाइल निर्माताओं, कंपोनेंट सप्लायर्स, परीक्षण एजेंसियों और अनुसंधान संस्थानों के साथ व्यापक परामर्श किया गया। आईएमसी रोडमैप 2021 से ही सार्वजनिक था और इसमें ई20 तक पहुँचने का एक व्यवस्थित मार्ग निर्धारित किया गया था।
किन पहलुओं की जाँच की गई
मंत्रालय के अनुसार, सामग्री अनुकूलता, इंजन कैलिब्रेशन, फ्यूल सिस्टम, वाहन चालन में सहजता, टिकाऊपन, उत्सर्जन और ईंधन दक्षता — इन सभी पहलुओं की गहन जाँच की गई। ई20 लॉन्च से पूर्व सरकार ने संपूर्ण इकोसिस्टम में तैयारी सुनिश्चित करने के लिए वाहन निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और परीक्षण एजेंसियों के साथ कई दौर की विस्तृत बातचीत की।
मंत्रालय ने कहा, "अगर ऑटोमोबाइल निर्माता परिणामों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते, तो वे इस उत्पाद का समर्थन नहीं करते या वाहनों की वारंटी नहीं देते। आज लगभग हर कंपनी सभी वाहनों — पुराने और नए — के लिए वारंटी दे रही है।"
वाहन निर्माताओं का ज़मीनी अनुभव
मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की, जिनमें 1.5 करोड़ पुरानी और गैर-ई20 प्रमाणित गाड़ियाँ शामिल थीं। कंपनी ने ई20 के कारण जंग लगने, असामान्य घिसाव या पुर्जों के खराब होने जैसी कोई समस्या दर्ज नहीं की।
हीरो मोटोकॉर्प ने भी फील्ड में इसी प्रकार का अनुभव साझा किया है। मंत्रालय ने कहा कि वास्तविक जीवन के ये प्रमाण अनौपचारिक सुनी-सुनाई बातों की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय हैं।
पर्यावरणीय लाभ और प्रीमियम पेट्रोल से तुलना
मंत्रालय के अनुसार, ई20 से बेहद कम सूक्ष्म कण (पार्टिकुलेट मैटर) उत्सर्जित होते हैं और यह पूरे लाइफसाइकिल में कार्बन उत्सर्जन को लगभग 40 प्रतिशत तक कम करता है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ई20 की तुलना प्रीमियम पेट्रोल से करना उचित नहीं है — प्रीमियम ईंधन विशेष एडिटिव्स के साथ सीमित मात्रा में और अधिक मूल्य पर बेचे जाने वाले उत्पाद हैं, जबकि ई20 एक सार्वभौमिक ईंधन मानक है।
अवसंरचना और निवेश
मंत्रालय ने बताया कि देश भर में शुद्ध पेट्रोल, ई10 और ई20 के लिए अलग-अलग आपूर्ति श्रृंखला चलाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता। पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकों ने एथेनॉल उत्पादन और संबंधित अवसंरचना में प्रतिवर्ष लगभग ₹1 लाख करोड़ का निवेश किया है। भारत के मिश्रण लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विशेष एथेनॉल संयंत्र, डिस्टिलरी, भंडारण सुविधाएँ और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित किए गए हैं। यह निवेश भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा स्वतंत्रता और हरित ईंधन नीति की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।