योगी का सपा-कांग्रेस पर प्रहार: 'हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाना आस्था से खिलवाड़ था'
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जुलाई 2026 को अयोध्या के बीकापुर में आयोजित जनसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर सीधा हमला बोला। राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर जारी सियासी विवाद की पृष्ठभूमि में उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने के पुराने मामले को फिर उठाया और इसे 'आस्था के साथ खिलवाड़' करार दिया।
मुख्य आरोप और बयान
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'आज जो लोग रामभक्ति की बातें करते हैं, वही कभी हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम करते थे — यह आस्था के साथ खिलवाड़ था।' उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कोई सरकार दिल्ली की जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करा सकती है। उनका कहना था कि सपा और कांग्रेस का यह कृत्य प्रदेश की जनता ने कभी स्वीकार नहीं किया।
विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹432 करोड़ से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और सहायता राशि भी वितरित की तथा पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया।
अयोध्या के विकास का दावा
योगी ने दावा किया कि डबल इंजन सरकार ने अयोध्या में वह परिवर्तन कर दिखाया है जो पिछले 500 वर्षों में संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पहले सरयू नदी प्रदूषित रहती थी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, लेकिन आज महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के माध्यम से अयोध्या देश-दुनिया से जुड़ चुकी है। आधुनिक सड़कें, बेहतर रेलवे संपर्क और घाटों का सौंदर्यीकरण इस बदलाव की तस्वीर पेश करते हैं।
विपक्ष पर अन्य आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के निर्माण का भी विरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि श्रृंगवेरपुर में भगवान राम और निषादराज गुह के मिलन स्थल की भूमि को वक्फ के नाम पर कब्जाने की कोशिश की गई थी — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण में बाधाएँ खड़ी कीं और रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं, वे आज रामभक्ति का दिखावा कर रहे हैं।
आगे का राजनीतिक संदर्भ
यह सभा ऐसे समय में हुई जब राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर सियासी विवाद चरम पर है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अयोध्या एक प्रमुख राजनीतिक केंद्र बनती जा रही है। योगी का यह दौरा और आक्रामक भाषण भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें धार्मिक आस्था और विकास को एक साथ चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है।