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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अखिलेश यादव का BJP पर हमला — 'धर्म नहीं, धन है असली एजेंडा'

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अखिलेश यादव का BJP पर हमला — 'धर्म नहीं, धन है असली एजेंडा'

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को हथियार बनाकर अखिलेश यादव ने BJP पर सीधा वार किया — 'धर्म की राजनीति, धन की प्राथमिकता।' 'ऑडिट-2' रिपोर्ट, अयोध्या भूमि अधिग्रहण और गोरखपुर में बंद स्कूलों के मुद्दे उठाकर सपा ने 2027 की ज़मीन तैयार करने की कोशिश की।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 17 जून को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP पर राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर तीखा हमला बोला।
सपा ने 'ऑडिट-2' रिपोर्ट और 'राम नगरी में गोरखधंधा' बुकलेट के ज़रिये सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकारी दावों के ऑडिट के दौरान संबंधित वेबसाइटें बंद मिलती हैं और जानकारी उपलब्ध नहीं होती।
अयोध्या में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की अनदेखी का आरोप लगाया।
गोरखपुर में दस वर्षों में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद होने का दावा; आगामी चुनाव में BJP को 'शून्य पर पहुँचाने' का संकल्प।

समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार, 17 जून को लखनऊ में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद को केंद्र में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उत्तर प्रदेश सरकार पर कड़ा राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP की राजनीति में धर्म और आस्था केवल मुखौटा है, जबकि उसकी वास्तविक प्राथमिकता धन और संसाधनों का संचय है।

मुख्य आरोप और 'ऑडिट-2' रिपोर्ट

अखिलेश यादव ने इस अवसर पर समाजवादी पार्टी की ओर से तैयार 'ऑडिट-2' रिपोर्ट और 'राम नगरी में गोरखधंधा' शीर्षक बुकलेट का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेज़ों में अयोध्या से लेकर गोरखपुर तक के ऐसे मुद्दे दर्ज हैं, जिन पर सरकार जवाब देने से बचती रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की रिपोर्टें विपक्ष की जवाबदेही की माँग को आधार देती हैं।

सीसीटीवी फुटेज और पारदर्शिता पर सवाल

सपा अध्यक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि जब-जब चुनावी या अन्य संवेदनशील मामलों में सवाल उठे, तब-तब सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद सामने आए। उन्होंने तंज किया कि रिकॉर्डिंग सार्वजनिक होने से कई तथ्यों का खुलासा हो सकता है, इसीलिए इस पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनकी पार्टी सरकारी दावों का आँकड़ों के आधार पर ऑडिट करने की कोशिश करती है, तब संबंधित वेबसाइटें या तो बंद मिलती हैं या ज़रूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होती।

अयोध्या में विकास और स्थानीय नागरिकों की अनदेखी

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अयोध्या में विकास कार्यों और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की समस्याओं की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोग अपनी शिकायतें लेकर समाजवादी पार्टी के पास पहुँचे, क्योंकि उन्हें अपनी बात रखने के लिए कोई अन्य मंच नहीं मिला। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में पर्यटन और बुनियादी ढाँचे के विस्तार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार बड़े दावे करती रही है।

गोरखपुर में शिक्षा और चुनावी चुनौती

सपा प्रमुख ने गोरखपुर में बेसिक शिक्षा की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए आरोप लगाया कि BJP सरकार के पिछले दस वर्षों के कार्यकाल में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने गृह जनपद में विश्वविद्यालय स्थापित कर रहे हैं, जबकि गाँवों और गरीब तबकों के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा व्यवस्था कमज़ोर होती जा रही है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनावों में गोरखपुर में BJP को कड़ी राजनीतिक चुनौती देगी और पार्टी कार्यकर्ता भाजपा को 'राजनीतिक रूप से शून्य पर पहुँचाने' के लक्ष्य के साथ मैदान में हैं।

गौरतलब है कि यह राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद पर विपक्ष की पहली बड़ी प्रतिक्रिया है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में और गरमा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा दिखता है। राम मंदिर — जो BJP के लिए अब तक अजेय राजनीतिक ज़मीन रही है — उसी पर चढ़ावे और पारदर्शिता के सवाल उठाकर सपा एक नई कथा गढ़ने की कोशिश कर रही है। हालाँकि, 'ऑडिट-2' रिपोर्ट के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, और BJP ने इन आरोपों का खंडन किया है। असली सवाल यह है कि क्या यह आक्रामकता मतदाताओं तक पहुँचेगी, या धार्मिक भावना की दीवार इसे रोक देगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और धन प्रबंधन को लेकर विपक्षी दलों ने आपत्तियाँ जताई हैं। समाजवादी पार्टी ने इसे BJP सरकार की जवाबदेही के व्यापक मुद्दे से जोड़ा है।
अखिलेश यादव ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP धर्म और आस्था की राजनीति करती है, लेकिन उसकी वास्तविक प्राथमिकता धन और संसाधनों का संचय है। उन्होंने अयोध्या में भूमि अधिग्रहण, सीसीटीवी विवाद, और सरकारी वेबसाइटों पर जानकारी न मिलने के मुद्दे भी उठाए।
सपा की 'ऑडिट-2' रिपोर्ट में क्या है?
समाजवादी पार्टी की 'ऑडिट-2' रिपोर्ट और 'राम नगरी में गोरखधंधा' बुकलेट में अयोध्या से गोरखपुर तक के कथित सरकारी विफलताओं का लेखा-जोखा पेश किया गया है। पार्टी का दावा है कि इन दावों की पुष्टि के लिए जब सरकारी वेबसाइटें खोजी गईं तो वे बंद या अधूरी मिलीं।
गोरखपुर में शिक्षा पर अखिलेश ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP सरकार के दस वर्षों में गोरखपुर में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं, जबकि मुख्यमंत्री अपने गृह जनपद में विश्वविद्यालय स्थापित कर रहे हैं। उनका कहना था कि इससे गरीब और वंचित वर्गों के बच्चों की बुनियादी शिक्षा प्रभावित हो रही है।
आगामी चुनावों में सपा की गोरखपुर रणनीति क्या है?
अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता गोरखपुर में जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएँ सुन रहे हैं और संगठन को मज़बूत किया जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य आगामी चुनावों में गोरखपुर में BJP को 'राजनीतिक रूप से शून्य पर पहुँचाना' बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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