राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला — 'धर्म और धन दोनों की राजनीति खत्म'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 8 जुलाई को लखनऊ से जारी बयान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर एक साथ दो मोर्चों पर तीखा हमला बोला — राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा कथित विवाद और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम न घटाने का मुद्दा। उनका आरोप है कि BJP सरकार आम जनता के हितों की अनदेखी कर तेल कंपनियों को लाभ पहुँचा रही है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सीधा हमला
अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकरण के बाद उन लोगों का भी भ्रम टूट गया है जो मानते थे कि BJP इस तरह के कार्य नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के लिए अब 'धन ही धर्म' बन गया है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि चढ़ावे, चंदे और दान से जुड़े कथित विवादों के सामने आने के बाद BJP की धर्म-आधारित राजनीति कमज़ोर पड़ गई है। उनके अनुसार, 'धर्म और धन' दोनों की राजनीति अब समाप्ति की ओर है।
पेट्रोल-डीजल पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि दुनिया के कई देशों में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें घटने का लाभ आम नागरिकों तक पहुँचा है, लेकिन भारत में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उसी अनुपात में राहत नहीं दी। उनका आरोप है कि सरकार इस अंतर का फ़ायदा आम जनता को देने के बजाय तेल कंपनियों को पहुँचा रही है।
उन्होंने कहा कि देश में तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें माँग और आपूर्ति के सामान्य आर्थिक सिद्धांतों से नहीं, बल्कि — उनके शब्दों में — BJP के 'भ्रष्ट अर्थशास्त्र' से तय हो रही हैं।
महंगाई पर आम जनता का बोझ
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि महंगाई बढ़ने का प्रमुख कारण सरकार की कथित कमीशनखोरी है। उनके अनुसार इसका बोझ आम जनता को महँगे ईंधन, परिवहन, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के रूप में उठाना पड़ रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय नरमी देखी गई है, और विपक्षी दल इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को लगातार घेर रहे हैं।
BJP की राजनीति पर व्यापक हमला
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि BJP जनसमर्थन में आई कमी को धनबल के ज़रिए पूरा करने की कोशिश करेगी, लेकिन कथित तौर पर देश की धार्मिक आस्था रखने वाली जनता ऐसे धन को स्वीकार नहीं करेगी। उनका कहना था कि अब BJP केवल धन की राजनीति करेगी, जिससे भ्रष्टाचार और महंगाई दोनों और बढ़ेंगे।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ धीरे-धीरे तेज़ होने लगी हैं और विपक्षी दल BJP के खिलाफ़ अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं।