10 जुलाई 2026
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शहबाज शरीफ की बीजिंग यात्रा: शी जिनपिंग ने CPEC-2 और ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका को सराहा

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शहबाज शरीफ की बीजिंग यात्रा: शी जिनपिंग ने CPEC-2 और ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका को सराहा

सारांश

आर्थिक संकट में घिरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बीजिंग पहुँचे — CPEC-2 की उम्मीद लेकर। शी जिनपिंग ने 'पुराने दोस्त' को गले लगाया और ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका को सराहा। यह यात्रा बताती है कि इस्लामाबाद की कूटनीति अब दो धुरियों — वाशिंगटन और बीजिंग — के बीच संतुलन साधने की कोशिश है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 25 मई 2025 को बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने CPEC के दूसरे चरण के तहत सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
शी जिनपिंग ने अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की सकारात्मक भूमिका की सराहना की।
प्रधानमंत्री शहबाज के साथ फील्ड मार्शल असीम मुनीर (COAS) भी बीजिंग यात्रा पर मौजूद रहे।
शहबाज शरीफ ने चीन-पाकिस्तान को 'दो आयरन ब्रदर देश' बताया और सात दशकों की मित्रता को रेखांकित किया।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 25 मई 2025 को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की, जिसमें चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के दूसरे चरण के तहत सहयोग विस्तार और क्षेत्रीय कूटनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। राष्ट्रपति शी ने अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की सकारात्मक भूमिका की खुलकर प्रशंसा की और दोनों देशों के बीच 'अटूट मित्रता' को रेखांकित किया।

मुख्य घटनाक्रम

ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित द्विपक्षीय बैठक में प्रधानमंत्री शहबाज के साथ चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी उपस्थित थे। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति शी ने कहा, 'मुझे पता है कि आप अभी-अभी ईरान से लौटे हैं और मौजूदा शांति के लिए सकारात्मक कोशिशें की हैं। हम अब भी पाकिस्तान की सकारात्मक भूमिका की तारीफ करते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।

शी जिनपिंग के अहम बयान

राष्ट्रपति शी ने CPEC के दूसरे चरण को दोनों देशों की साझेदारी का नया आधार बताया। उन्होंने कहा, 'चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, ताकि नए दौर में एक साझा भविष्य वाली चीन-पाकिस्तान कम्युनिटी को और भी करीब से बनाया जा सके, इलाके की शांति और स्थिरता में योगदान दिया जा सके।' शी ने प्रधानमंत्री शहबाज को 'पुराना दोस्त' कहते हुए यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय बदलावों के बावजूद चीन ने हमेशा पाकिस्तान के साथ संबंधों को प्राथमिकता दी है।

शहबाज शरीफ की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री शहबाज ने चीन और पाकिस्तान को 'दो आयरन ब्रदर देश' करार दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध का श्रेय दोनों देशों के संस्थापक नेताओं को जाता है, जिन्होंने सात दशकों से अधिक समय से इस रिश्ते को मज़बूत बनाने में योगदान दिया। शरीफ ने चीन को 'शांतिप्रिय मानवता का बहुत अच्छा दोस्त' भी बताया।

आर्थिक संकट और कूटनीतिक संतुलन

गौरतलब है कि पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, एक तरफ वह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ CPEC के माध्यम से चीन से आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। यह दोहरी कूटनीति पाकिस्तान की वर्तमान विदेश नीति की विवशता को दर्शाती है।

क्या होगा आगे

CPEC के दूसरे चरण के तहत होने वाले समझौतों और निवेश की विस्तृत रूपरेखा आने वाले हफ्तों में सामने आने की उम्मीद है। यह यात्रा पाकिस्तान के लिए आर्थिक राहत और क्षेत्रीय कूटनीति दोनों मोर्चों पर अहम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दूसरे चरण की शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं। असली सवाल यह है कि क्या यह यात्रा पाकिस्तान की आर्थिक स्वायत्तता को मज़बूत करती है, या उसे और गहरी निर्भरता की ओर ले जाती है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहबाज शरीफ की चीन यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य CPEC के दूसरे चरण के तहत सहयोग को आगे बढ़ाना और चीन से आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना था। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह यात्रा कूटनीतिक और वित्तीय दोनों दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
शी जिनपिंग ने ईरान-अमेरिका वार्ता में पाकिस्तान की किस भूमिका की तारीफ की?
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि पाकिस्तान ने ईरान से लौटने के बाद मौजूदा शांति के लिए सकारात्मक प्रयास किए हैं। उन्होंने इस भूमिका को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सराहनीय बताया।
CPEC का दूसरा चरण क्या है और इसमें क्या नया होगा?
CPEC (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) का दूसरा चरण पहले चरण की बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं से आगे बढ़कर औद्योगिक और आर्थिक सहयोग पर केंद्रित होने की उम्मीद है। विस्तृत समझौतों की रूपरेखा आने वाले हफ्तों में सामने आने की संभावना है।
बीजिंग यात्रा में पाकिस्तान की ओर से और कौन शामिल था?
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी बीजिंग यात्रा पर मौजूद थे। दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में हुई।
पाकिस्तान एक साथ चीन और अमेरिका-ईरान दोनों के साथ क्यों संबंध बना रहा है?
विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान आर्थिक संकट के कारण चीन से निवेश और सहायता चाहता है, जबकि अमेरिका-ईरान मध्यस्थता से वह अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है। यह दोहरी कूटनीति पाकिस्तान की वर्तमान विदेश नीति की प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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