शहबाज शरीफ की बीजिंग यात्रा: शी जिनपिंग ने CPEC-2 और ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 25 मई 2025 को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की, जिसमें चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के दूसरे चरण के तहत सहयोग विस्तार और क्षेत्रीय कूटनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। राष्ट्रपति शी ने अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की सकारात्मक भूमिका की खुलकर प्रशंसा की और दोनों देशों के बीच 'अटूट मित्रता' को रेखांकित किया।
मुख्य घटनाक्रम
ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित द्विपक्षीय बैठक में प्रधानमंत्री शहबाज के साथ चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी उपस्थित थे। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति शी ने कहा, 'मुझे पता है कि आप अभी-अभी ईरान से लौटे हैं और मौजूदा शांति के लिए सकारात्मक कोशिशें की हैं। हम अब भी पाकिस्तान की सकारात्मक भूमिका की तारीफ करते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
शी जिनपिंग के अहम बयान
राष्ट्रपति शी ने CPEC के दूसरे चरण को दोनों देशों की साझेदारी का नया आधार बताया। उन्होंने कहा, 'चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है, ताकि नए दौर में एक साझा भविष्य वाली चीन-पाकिस्तान कम्युनिटी को और भी करीब से बनाया जा सके, इलाके की शांति और स्थिरता में योगदान दिया जा सके।' शी ने प्रधानमंत्री शहबाज को 'पुराना दोस्त' कहते हुए यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय बदलावों के बावजूद चीन ने हमेशा पाकिस्तान के साथ संबंधों को प्राथमिकता दी है।
शहबाज शरीफ की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री शहबाज ने चीन और पाकिस्तान को 'दो आयरन ब्रदर देश' करार दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध का श्रेय दोनों देशों के संस्थापक नेताओं को जाता है, जिन्होंने सात दशकों से अधिक समय से इस रिश्ते को मज़बूत बनाने में योगदान दिया। शरीफ ने चीन को 'शांतिप्रिय मानवता का बहुत अच्छा दोस्त' भी बताया।
आर्थिक संकट और कूटनीतिक संतुलन
गौरतलब है कि पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, एक तरफ वह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ CPEC के माध्यम से चीन से आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। यह दोहरी कूटनीति पाकिस्तान की वर्तमान विदेश नीति की विवशता को दर्शाती है।
क्या होगा आगे
CPEC के दूसरे चरण के तहत होने वाले समझौतों और निवेश की विस्तृत रूपरेखा आने वाले हफ्तों में सामने आने की उम्मीद है। यह यात्रा पाकिस्तान के लिए आर्थिक राहत और क्षेत्रीय कूटनीति दोनों मोर्चों पर अहम मानी जा रही है।