ट्रंप ने शी जिनपिंग को बताया 'महान नेता', बीजिंग में ऐतिहासिक अमेरिका-चीन द्विपक्षीय बैठक
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 14 मई 2025 को बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई। बैठक के शुरुआती संबोधन में ट्रंप ने शी को 'महान नेता' बताया और दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने की उम्मीद जताई।
ट्रंप के उद्घाटन संबोधन की मुख्य बातें
बैठक की शुरुआत में ट्रंप ने कहा, 'हमने दुनिया के शीर्ष 30 लोगों से पूछा। उनमें से हर एक ने हाँ कहा और मुझे डेलिगेशन में दूसरे या तीसरे नंबर के लोग नहीं चाहिए थे। मुझे सिर्फ शीर्ष वाले चाहिए थे और वे आज यहाँ आपको और चीन को सम्मान देने आए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल व्यापार और व्यवसाय के लिए पूरी तरह तैयार है और यह भागीदारी पूर्णतः पारस्परिक होगी।
शी जिनपिंग को 'महान नेता' की उपाधि
ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा, 'मैं यह बात सबसे कहता हूँ। आप एक महान नेता हैं। कभी-कभी लोगों को मेरा यह कहना पसंद नहीं आता, लेकिन मैं फिर भी कहता हूँ क्योंकि यह सच है।' यह टिप्पणी उल्लेखनीय है, क्योंकि ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में चीन के साथ व्यापार विवाद के बावजूद इस तरह का खुला प्रशंसात्मक रुख अपनाया।
बैठक का एजेंडा और मुद्दे
दोनों नेताओं के प्रतिनिधिमंडल इस द्विपक्षीय बैठक में तकनीक, व्यापार, होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करने वाले थे। ट्रंप ने इस बैठक को 'अब तक की सबसे बड़ी समिट' करार देते हुए कहा कि अमेरिका में लोग इसी के बारे में बात कर रहे हैं।
भव्य स्वागत समारोह
ग्रेट हॉल ऑफ पीपुल में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सैनिकों ने कोरियोग्राफ्ड मिलिट्री शो का प्रदर्शन किया — जो चीन की कूटनीतिक प्राथमिकता का स्पष्ट संकेत था।
आगे क्या
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव चरम पर रहा है। दोनों देशों के बीच इस उच्चस्तरीय संवाद के नतीजे वैश्विक व्यापार, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और पश्चिम एशिया की भू-राजनीति पर दूरगामी असर डाल सकते हैं।