बीजिंग में जिनपिंग ने ट्रंप का किया भव्य स्वागत, ग्रेट हॉल में मिलिट्री शो और द्विपक्षीय वार्ता

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बीजिंग में जिनपिंग ने ट्रंप का किया भव्य स्वागत, ग्रेट हॉल में मिलिट्री शो और द्विपक्षीय वार्ता

सारांश

बीजिंग के ग्रेट हॉल में ट्रंप का भव्य स्वागत महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं — यह दो महाशक्तियों के बीच तनाव और संवाद के नाज़ुक संतुलन की झलक है। अक्टूबर के APEC व्यापार समझौते के बाद यह बैठक तकनीक, ईरान और होर्मुज पर दिशा तय करेगी।

मुख्य बातें

शी जिनपिंग ने 14 मई 2025 को बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में डोनाल्ड ट्रंप का भव्य स्वागत किया।
चीनी सैनिकों ने कोरियोग्राफ्ड मिलिट्री शो किया; मिलिट्री बैंड ने अमेरिकी राष्ट्रगान 'द स्टार स्पैंगल्ड बैनर' बजाया।
दोनों नेताओं ने तकनीक, व्यापार, होर्मुज और ईरान पर द्विपक्षीय वार्ता की।
दोनों की आखिरी मुलाकात अक्टूबर में APEC शिखर सम्मेलन (दक्षिण कोरिया) में हुई थी, जहाँ व्यापार समझौते पर सहमति बनी थी।
चीन का पिछला पूर्ण मिलिट्री प्रदर्शन पिछले सितंबर में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की स्मृति परेड में हुआ था।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 14 मई 2025 को बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर चीनी सैनिकों ने सुव्यवस्थित कोरियोग्राफ्ड मिलिट्री शो का प्रदर्शन किया और मिलिट्री बैंड ने अमेरिकी राष्ट्रगान 'द स्टार स्पैंगल्ड बैनर' बजाया।

स्वागत समारोह का दृश्य

ट्रंप के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल पहुँचने पर दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाए। रेड कार्पेट पर दोनों राष्ट्राध्यक्ष साथ चले, जबकि चीनी सैनिक एक सुव्यवस्थित पंक्ति में खड़े रहे और पारंपरिक संगीत की धुन गूँजती रही। स्कूली बच्चों के एक समूह ने चीनी और अमेरिकी झंडे तथा फूलों के गुलदस्ते लहराते हुए उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

इसके बाद दोनों नेताओं ने चीनी और अमेरिकी अधिकारियों से हाथ मिलाया और चीनी सैन्य सेवा के सदस्यों की परेड देखी। चीनी सैनिकों ने दोनों देशों के झंडे लहराते हुए मार्च किया। गौरतलब है कि चीन अपने कोरियोग्राफ्ड मिलिट्री प्रदर्शनों के लिए विश्वभर में जाना जाता है — इससे पहले ऐसा पूर्ण प्रदर्शन पिछले सितंबर में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की स्मृति में आयोजित सैन्य परेड के दौरान देखा गया था।

द्विपक्षीय बैठक और एजेंडा

स्वागत समारोह के बाद ट्रंप और शी जिनपिंग ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में ही द्विपक्षीय बैठक आरंभ की। बैठक से पूर्व दोनों नेताओं ने संक्षिप्त प्रारंभिक वक्तव्य दिए। बताया जा रहा है कि इस बैठक में तकनीक, व्यापार, होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान जैसे अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होनी है।

पिछली मुलाकात और व्यापार समझौता

यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव का लंबा दौर रहा है। ट्रंप और शी की आखिरी मुलाकात अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में आयोजित एपीईसी (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी, जहाँ दोनों नेता एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए थे। इस पृष्ठभूमि में बीजिंग की यह मुलाकात दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

आगे क्या

दोनों नेताओं के बीच इस उच्चस्तरीय वार्ता के नतीजे वैश्विक व्यापार, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और पश्चिम एशिया की भू-राजनीति पर दूरगामी असर डाल सकते हैं। बैठक के बाद संयुक्त बयान या किसी समझौते की संभावना पर दुनियाभर की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि तकनीक और ईरान जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के हित अक्सर टकराते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि मिलिट्री शो की भव्यता कूटनीतिक दबाव का एक सुचिंतित उपकरण भी है — यह दर्शाता है कि बीजिंग इस बैठक को रियायत नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर संवाद मानता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप और शी जिनपिंग की बीजिंग बैठक किस बारे में है?
14 मई 2025 को बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में हुई इस बैठक में दोनों नेता तकनीक, व्यापार, होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच अक्टूबर के APEC व्यापार समझौते के बाद की पहली उच्चस्तरीय मुलाकात है।
ट्रंप और शी जिनपिंग पहले कब मिले थे?
दोनों नेता आखिरी बार अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में आयोजित APEC शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे, जहाँ वे एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए थे। बीजिंग की यह बैठक उस सहमति को आगे बढ़ाने और नए मुद्दों पर संवाद करने के लिए हो रही है।
बीजिंग में ट्रंप के स्वागत समारोह में क्या हुआ?
ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में ट्रंप के पहुँचने पर शी जिनपिंग ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। चीनी सैनिकों ने कोरियोग्राफ्ड मिलिट्री शो किया, मिलिट्री बैंड ने अमेरिकी राष्ट्रगान बजाया और स्कूली बच्चों ने दोनों देशों के झंडे लहराते हुए स्वागत किया।
चीन के मिलिट्री शो का क्या महत्त्व है?
चीन अपने सुव्यवस्थित कोरियोग्राफ्ड मिलिट्री प्रदर्शनों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। इससे पहले ऐसा पूर्ण प्रदर्शन पिछले सितंबर में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की स्मृति में आयोजित सैन्य परेड में हुआ था। ये प्रदर्शन कूटनीतिक संदेश देने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम माने जाते हैं।
इस बैठक से अमेरिका-चीन संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
तकनीक, व्यापार और ईरान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा के कारण इस बैठक के नतीजे वैश्विक व्यापार और भू-राजनीति पर दूरगामी असर डाल सकते हैं। बैठक के बाद किसी संयुक्त बयान या नए समझौते की संभावना पर दुनियाभर की नज़रें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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