ट्रंप 13-15 मई को चीन दौरे पर, शी जिनपिंग से मुलाकात और 17 बड़े अमेरिकी कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव साथ
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक बीजिंग के दौरे पर रहेंगे, जहाँ वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे और 17 बड़े अमेरिकी कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव उनके प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। ट्रंप ने इस दौरे से पहले उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के लिए "बहुत अच्छी चीजें" होंगी, जबकि ताइवान, ऊर्जा सुरक्षा और ईरान के ताजा हालात जैसे अहम मुद्दे भी एजेंडे पर रहने की संभावना है।
ट्रंप का बयान और शी जिनपिंग की तारीफ
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, "मैं चीन के अपने दौरे का बहुत इंतजार कर रहा हूं, यह एक शानदार देश है, जहां के नेता राष्ट्रपति शी हैं, जिनका सभी सम्मान करते हैं। दोनों देशों के लिए बहुत अच्छी चीजें होंगी!"
मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कई बार शी जिनपिंग की तारीफ की और कहा कि उनके राष्ट्रपति शी के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा, "मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं और उम्मीद है कि वह भी मेरा सम्मान करते हैं।"
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अमेरिकी कंपनियों के 17 वरिष्ठ कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव भी बीजिंग पहुँचेंगे। इनमें एप्पल के सीईओ टिम कुक और टेस्ला व स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क प्रमुख रूप से शामिल हैं।
व्हाइट हाउस की सूची के अनुसार अन्य एग्जीक्यूटिव में ब्लैकरॉक के लैरी फिंक, ब्लैकस्टोन के स्टीफन श्वार्जमैन, बोइंग की केली ऑर्टबर्ग, कारगिल के ब्रायन साइक्स, सिटी की जेन फ्रेजर, सिस्को के चक रॉबिंस, कोहेरेंट के जिम एंडरसन, जीई एयरोस्पेस के एच. लॉरेंस कल्प, गोल्डमैन सैक्स के डेविड सोलोमन, इलुमिना के जैकब थायसेन, मास्टरकार्ड के माइकल मिबैक, मेटा की डिना पॉवेल मैककॉर्मिक, माइक्रोन के संजय मेहरोत्रा, क्वालकॉम के क्रिस्टियानो अमोन और वीजा के रयान मैकइनर्नी शामिल हैं।
दौरे का एजेंडा और प्रमुख मुद्दे
राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि आगामी चीन यात्रा में ताइवान और ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़े मुद्दे होंगे। इसके अलावा ईरान के साथ ताजा हालात पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार अब चीन के साथ "बहुत अच्छा काम" कर रही है और पिछली अमेरिकी सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने चीन को अमेरिका का फायदा उठाने दिया। उन्होंने कहा, "हम बहुत कारोबार कर रहे हैं, लेकिन यह समझदारी वाला कारोबार है।"
पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन पर निशाना
बातचीत के दौरान ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी पूर्ववर्ती सरकार का सम्मान नहीं करते थे और उन्होंने बाइडेन पर तंज कसते हुए कहा, "वे ठीक से बात भी नहीं कर पाते थे।"
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन व्यापार संबंध महीनों से तनावपूर्ण रहे हैं और दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद गहरा चुका है। इस दौरे को दोनों महाशक्तियों के बीच संबंध सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।