ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात से पहले अमेरिकी सीनेटरों की अपील: ताइवान को $14 अरब हथियार पैकेज मंजूर करें

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ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात से पहले अमेरिकी सीनेटरों की अपील: ताइवान को $14 अरब हथियार पैकेज मंजूर करें

सारांश

ट्रंप के चीन दौरे से ठीक पहले अमेरिकी सीनेटरों ने $14 अरब के ताइवान हथियार पैकेज को मंजूरी देने की माँग की है — और चेतावनी दी है कि ताइपे को किसी भी व्यापार सौदे में 'सौदेबाजी की चिप' बनाना हिंद-प्रशांत की स्थिरता के लिए खतरनाक होगा।

मुख्य बातें

अमेरिकी सीनेटरों के द्विदलीय समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ताइवान के लिए $14 अरब के हथियार पैकेज को औपचारिक रूप से अधिसूचित करने की माँग की।
यह पैकेज जनवरी 2025 में कांग्रेस द्वारा पहले ही मंजूर किया जा चुका था, लेकिन अभी तक औपचारिक अधिसूचना लंबित है।
ताइवान के लेजिस्लेटिव युआन ने $25 अरब का विशेष रक्षा बजट पारित किया है, जो अमेरिकी हथियारों पर खर्च होगा।
प्रस्तावित पैकेज में काउंटर-ड्रोन संपत्तियाँ, एकीकृत बैटल कमांड सिस्टम, मीडियम-रेंज म्यूनिशन, एंटी-शिप मिसाइल, रडार सिस्टम और माइंस शामिल हैं।
सीनेटरों ने ट्रंप को आगाह किया कि शी जिनपिंग के साथ बातचीत में ताइवान को व्यापार सौदे की चिप के रूप में इस्तेमाल न किया जाए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सप्ताह चीन के दौरे पर जाने और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। इससे ठीक पहले, अमेरिकी सीनेट के एक द्विदलीय समूह ने ट्रंप से आग्रह किया है कि वे ताइवान के लिए $14 अरब (लगभग ₹1.16 लाख करोड़) के हथियार पैकेज को औपचारिक रूप से कांग्रेस को अधिसूचित करें। सीनेटरों ने चेतावनी दी है कि ताइपे के प्रति अमेरिकी समर्थन में कोई भी कमी बीजिंग के हौसले को बढ़ावा देगी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को अस्थिर कर देगी।

पत्र की पृष्ठभूमि और मुख्य माँगें

सीनेट की विदेश संबंध समिति की वरिष्ठ सदस्य सीनेटर जीन शाहीन और सीनेटर थॉम टिलिस के नेतृत्व में लिखे गए इस पत्र में सरकार से माँग की गई है कि वह उस हथियार बिक्री पैकेज को लेकर कांग्रेस को औपचारिक जानकारी दे, जिसे जनवरी 2025 में ही मंजूरी मिल चुकी थी। पत्र में लिखा गया,

संपादकीय दृष्टिकोण

और बीजिंग इस अनिश्चितता को अपने पक्ष में भुना सकता है। हिंद-प्रशांत की स्थिरता केवल हथियारों से नहीं, बल्कि अमेरिका की विश्वसनीयता और निरंतरता से भी तय होती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी सीनेटरों ने ताइवान हथियार पैकेज को लेकर ट्रंप से क्या माँग की है?
सीनेटरों ने राष्ट्रपति ट्रंप से माँग की है कि वे ताइवान के लिए $14 अरब के हथियार पैकेज को औपचारिक रूप से कांग्रेस को अधिसूचित करें, जिसे जनवरी 2025 में पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। यह माँग ट्रंप के चीन दौरे और शी जिनपिंग से मुलाकात से ठीक पहले आई है।
ताइवान के प्रस्तावित $14 अरब हथियार पैकेज में क्या शामिल है?
इस पैकेज में काउंटर-ड्रोन संपत्तियाँ, एकीकृत बैटल कमांड सिस्टम, मीडियम-रेंज म्यूनिशन, एंटी-शिप मिसाइल, रडार सिस्टम और माइंस शामिल हैं। इनका उद्देश्य ताइवान पर किसी भी संभावित चीनी हमले को बेहद महंगा बनाना है।
सीनेटरों ने ट्रंप को ताइवान को 'सौदेबाजी की चिप' बनाने से क्यों मना किया?
सीनेटरों का कहना है कि ताइवान के लिए अमेरिकी समर्थन को किसी भी व्यापार या भू-राजनीतिक बातचीत में दाँव पर नहीं लगाया जाना चाहिए। उनके अनुसार ऐसा करने से बीजिंग के हौसले बुलंद होंगे और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी।
ताइवान ने अपनी रक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
ताइवान के लेजिस्लेटिव युआन ने $25 अरब का विशेष रक्षा बजट पारित किया है, जो बीजिंग के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच आत्मरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अमेरिकी हथियारों पर खर्च होगा। सीनेटरों ने कहा कि ताइवान के नेताओं ने बीजिंग के खुले दबाव को पार करते हुए यह बजट पारित किया।
चीन और ताइवान के बीच मौजूदा तनाव की स्थिति क्या है?
चीन ने कई बार स्वशासित ताइवान को अपने नियंत्रण में लाने की बात कही है और जरूरत पड़ने पर बलपूर्वक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। ताइवान खुद को एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर देश मानता है, जबकि ताइवान स्ट्रेट में चीनी सैन्य गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं।
राष्ट्र प्रेस