10 जुलाई 2026
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महाराष्ट्र एटीएस का बड़ा अभियान: शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े 112 संदिग्धों से पूछताछ, 11 शहरों में तलाशी

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महाराष्ट्र एटीएस का बड़ा अभियान: शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े 112 संदिग्धों से पूछताछ, 11 शहरों में तलाशी

सारांश

महाराष्ट्र एटीएस ने एक साथ 14 यूनिटें उतारकर 11 शहरों में 112 संदिग्धों से पूछताछ शुरू की — यह सब पाकिस्तान में बैठे कथित आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क की जड़ें खोदने की कोशिश है, जिसके तार दिल्ली के पेट्रोल बम मामले से भी जुड़े हैं।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र एटीएस ने 10 जुलाई 2026 को राज्यव्यापी तलाशी अभियान चलाते हुए 112 संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।
एटीएस की 14 यूनिटों ने मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, सांगली, सतारा, छत्रपति संभाजीनगर सहित 11 स्थानों पर एक साथ अभियान चलाया।
कार्रवाई पाकिस्तान में कथित तौर पर रह रहे आईएसआई से जुड़े आरोपी शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क की जांच के तहत है।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल पहले ही भट्टी से जुड़े दो कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिल्ली और पंजाब से 6 संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है।
राजघाट के पास विजय घाट क्षेत्र से पेट्रोल बम बरामद; चैट में 'सामान' की डिलीवरी के कथित निर्देश मिले।
गिरफ्तार 6 आरोपी पाकिस्तान में बैठे 10 अन्य संदिग्धों के संपर्क में थे।

महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने 10 जुलाई 2026 को पूरे राज्य में एक साथ बड़े पैमाने पर तलाशी और पूछताछ अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई पाकिस्तान में कथित तौर पर रह रहे और आईएसआई से संबंध रखने के आरोपी शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और जांच के उद्देश्य से की जा रही है। एटीएस की 14 यूनिटों ने एक साथ अभियान चलाते हुए 112 लोगों से पूछताछ शुरू की है।

अभियान का दायरा और तलाशी स्थल

एटीएस के अनुसार, मुंबई, ठाणे, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, नवी मुंबई, मीरा रोड, भयंदर, सांगली, सतारा और छत्रपति संभाजीनगर सहित कम से कम 11 स्थानों पर एक साथ तलाशी ली गई। एजेंसी का कहना है कि इन 112 संदिग्धों के सोशल मीडिया के माध्यम से भट्टी के संपर्क में होने की आशंका है और डिजिटल संपर्कों की गहन जांच जारी है।

शहजाद भट्टी पर क्या हैं आरोप

शुरुआती जांच में यह संदेह व्यक्त किया गया है कि शहजाद भट्टी कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को देश-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने और अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश करता था। जांचकर्ताओं के अनुसार, संदिग्धों के डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस के खुलासे से जुड़ा है तार

यह अभियान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा हाल ही में किए गए बड़े खुलासे के बाद सामने आया है। स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी से जुड़े दो कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली और पंजाब से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर दिल्ली की कई भीड़भाड़ वाली जगहों की रेकी की थी — जिनमें न्यू पुलिस लाइंस, आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डा, एक रेलवे स्टेशन और अन्य व्यस्त बाजार क्षेत्र शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन स्थानों के वीडियो मोबाइल फोन से बरामद किए गए, जिन्हें कथित तौर पर एक प्रतिबंधित मैसेजिंग ऐप के जरिए भट्टी तक पहुंचाया गया था।

पेट्रोल बम और 'सामान' की कथित साजिश

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मिली चैट में भट्टी कथित रूप से आरोपी दानिश उर्फ चांद मियां को 'सामान' की डिलीवरी और उसे सुरक्षित रखने के निर्देश देता दिखाई दिया। जांचकर्ताओं का मानना है कि 'सामान' से आशय पेट्रोल बमों से था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने राजघाट के पीछे विजय घाट क्षेत्र से पेट्रोल बम भी बरामद किए थे। आरोपी दानिश पर दिल्ली में हमलों की योजना बनाने और रेकी करने का आरोप है, जबकि उसके कथित सहयोगी सलमान पर हमले की रिकॉर्डिंग कर वीडियो भट्टी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।

आगे क्या होगा

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार छह आरोपी पाकिस्तान में बैठे 10 अन्य संदिग्धों के संपर्क में थे। फिलहाल महाराष्ट्र एटीएस और दिल्ली पुलिस सीमा-पार नेटवर्क, सोशल मीडिया संपर्कों तथा इस पूरे कथित मॉड्यूल की भूमिका की गहन जांच कर रही हैं। यह मामला भारत में सोशल मीडिया के जरिए संचालित होने वाले कथित आतंकी नेटवर्क की बढ़ती चुनौती को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बड़े पैमाने पर पूछताछ अभियानों में निर्दोष लोगों के फंसने का जोखिम भी रहता है। दिल्ली से पेट्रोल बम बरामदगी और रेकी के आरोप इस मामले को सीधे हमले की साजिश की श्रेणी में रखते हैं, जो इसे महज साइबर निगरानी का मामला नहीं रहने देता। सीमा-पार नेटवर्क और डिजिटल भर्ती के इस कथित मॉड्यूल की जांच यह भी उजागर करती है कि प्रतिबंधित मैसेजिंग ऐप्स भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक अनसुलझी चुनौती बने हुए हैं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र एटीएस ने 112 लोगों से पूछताछ क्यों शुरू की?
महाराष्ट्र एटीएस ने इन 112 लोगों से पूछताछ इसलिए शुरू की क्योंकि इनके पाकिस्तान में कथित तौर पर रह रहे आईएसआई से जुड़े आरोपी शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क से संपर्क में होने की आशंका है। एजेंसी इनके डिजिटल संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही है।
शहजाद भट्टी कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
शहजाद भट्टी पाकिस्तान में कथित तौर पर रहने वाला एक व्यक्ति है, जिस पर आईएसआई से जुड़े होने और सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को देश-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने का आरोप है। जांचकर्ताओं के अनुसार वह कथित तौर पर एक प्रतिबंधित मैसेजिंग ऐप के जरिए अपने नेटवर्क को निर्देश देता था।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शहजाद भट्टी से जुड़े दो कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली और पंजाब से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने कथित तौर पर न्यू पुलिस लाइंस, आनंद विहार बस अड्डे और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी की थी, और विजय घाट क्षेत्र से पेट्रोल बम भी बरामद किए गए।
इस जांच में कितने राज्यों और शहरों को शामिल किया गया है?
महाराष्ट्र एटीएस ने अकेले महाराष्ट्र के 11 शहरों — मुंबई, ठाणे, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, नवी मुंबई, मीरा रोड, भयंदर, सांगली, सतारा और छत्रपति संभाजीनगर — में तलाशी ली। इसके अलावा दिल्ली पुलिस की जांच में दिल्ली और पंजाब भी शामिल हैं।
आगे इस मामले में क्या हो सकता है?
महाराष्ट्र एटीएस और दिल्ली पुलिस मिलकर सीमा-पार नेटवर्क और सोशल मीडिया संपर्कों की जांच कर रही हैं। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि गिरफ्तार छह आरोपी पाकिस्तान में बैठे 10 अन्य संदिग्धों से किस तरह जुड़े थे, और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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