राजस्थान एटीएस की बड़ी कार्रवाई: श्रीगंगानगर से 7 युवक हिरासत में, पाक आतंकी शाहजाद भट्टी के नेटवर्क से कथित संबंध
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान की एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने 14 मई 2026 को श्रीगंगानगर जिले के सात युवकों को हिरासत में लिया है। इन पर पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी शाहजाद भट्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क से संबंध रखने का आरोप है। खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय में चलाए गए छापों के बाद यह गिरफ्तारियाँ राजस्थान के कई इलाकों में की गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरि शंकर ने बताया कि पिछले 24 घंटों में एटीएस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने राज्य के कई स्थानों पर छापे मारे। छापों का उद्देश्य उन व्यक्तियों की पहचान करना था जिन पर देश-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने या सीमा पार के संदिग्धों से संपर्क रखने का संदेह था।
हिरासत में लिए गए सातों युवकों से अभी कई एजेंसियाँ मिलकर पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक कोई ऐसा ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियाँ हर घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र बनाए हुए हैं।
शाहजाद भट्टी पर क्या हैं आरोप
खुफिया सूत्रों के अनुसार, शाहजाद भट्टी पर आरोप है कि वह पाकिस्तान से भारत में हेरोइन, विदेशी हथियार और आरडीएक्स जैसे विस्फोटक भेजने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। सूत्रों ने यह भी बताया कि भट्टी कथित तौर पर स्थानीय युवकों को — विशेषकर उन्हें जो अवैध तरीकों से शीघ्र धन अर्जित करना चाहते हैं — अपने नेटवर्क में भर्ती करने की कोशिश कर रहा था।
पिछले मामलों से जुड़ी कड़ियाँ
26 मार्च को श्रीगंगानगर के लालगढ़ थाना क्षेत्र के केरा चक गाँव के निवासी आकाशदीप को गिरफ्तार किया गया था। जाँच में सामने आया कि वह कथित तौर पर इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के ज़रिये भट्टी के निरंतर संपर्क में था और उस पर गाँव वालों को गैंगस्टर का नाम लेकर धमकाने का भी आरोप है।
6 अप्रैल को हनुमानगढ़ पुलिस ने सुरेशिया कॉलोनी, हनुमानगढ़ जंक्शन के निवासी सुनील उर्फ 'धोलू' को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक अवैध देसी पिस्तौल बरामद हुई और उसके मोबाइल फोन में भट्टी का व्हाट्सएप नंबर तथा कई आपत्तिजनक संदेश मिले। सुनील पर पहले से ही करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
25 मार्च को हनुमानगढ़ पुलिस ने किशनपुरा दिखनाडा गाँव के जसवंत कुमार उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया। उस पर सोशल मीडिया के ज़रिये भट्टी से संपर्क रखने और हथियारों की तस्वीरें साझा करने का आरोप है।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
एटीएस के छापों के बाद सीमावर्ती जिलों में तैनात खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एसपी हरि शंकर ने कहा, 'उनके गैजेट्स पर नज़र रखी जा रही है और हम उनकी लोकेशन ट्रैक कर रहे हैं। जाँच पूरी होने के बाद ही हम इस बारे में और जानकारी दे पाएँगे।'
एटीएस और पुलिस की टीमें अब पूरे राज्य में संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स और पाकिस्तान में बैठे संदिग्धों से संभावित ऑनलाइन संपर्कों की जाँच कर रही हैं।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती राज्यों में ड्रोन के ज़रिये तस्करी की घटनाएँ बढ़ी हैं और सुरक्षा एजेंसियाँ सीमा पार नेटवर्क की ऑनलाइन भर्ती रणनीति को लेकर सतर्क हैं। जाँच जारी रहने के साथ, अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ठोस साक्ष्य मिलने पर औपचारिक आरोप तय किए जाएँगे।