राजस्थान में पाकिस्तानी जासूस आकाशदीप की गिरफ्तारी, सोशल मीडिया के जरिए भेजता था वीडियो
सारांश
Key Takeaways
- आकाशदीप की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की सजगता को दर्शाया।
- सोशल मीडिया का आतंकवाद में उपयोग एक गंभीर समस्या है।
- पुलिस की जांच ने कई महत्वपूर्ण सुराग सामने लाए हैं।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग भी चिंता का विषय है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सजग रहना आवश्यक है।
श्रीगंगानगर, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त एक युवक को हिरासत में लिया है। आरोपी युवक का नाम आकाशदीप (19) है, जो पाकिस्तान के आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था।
थाना प्रभारी गुरमेल सिंह बराड़ के मुताबिक, आकाशदीप केसरीसिंहपुर का निवासी है और वर्तमान में चक केरा में रह रहा था। आरोपी काफी समय से आतंकी के साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्मों जैसे कि इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए बातचीत कर रहा था।
जांच में यह बात सामने आई है कि आकाशदीप ने आतंकी के निर्देश पर कई संवेदनशील स्थानों की रेकी की और उनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे। इसके बदले में उसे पैसे मिलते थे।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें संदिग्ध गतिविधियों के कई प्रमाण मिले हैं। मोबाइल की जांच में पता चला कि आरोपी ने भारत और पाकिस्तान के लोगों के साथ वॉइस चैट और सूचना का आदान-प्रदान किया। इसके अलावा, +92 कोड वाले नंबरों पर जानकारी साझा करने के भी सबूत मिले हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से आतंकी के साथ अपनी फर्जी तस्वीरें तैयार कीं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया।
पूछताछ के दौरान, आकाशदीप ने स्वीकार किया कि उसने पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के अंबाला जैसे कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की है। उसने इन स्थानों के वीडियो बनाकर व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान भेजे और वहां तक पहुंचने के रास्तों की जानकारी साझा की।
पुलिस को संदेह है कि आकाशदीप का संबंध अंबाला में बरामद आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री से भी हो सकता है, जिन्हें ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से भारत भेजा गया था। फिलहाल, पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है।