असम एयरफोर्स स्टेशन से गिरफ्तार किया गया पाकिस्तानी जासूस, 2023 से दे रहा था जानकारी

Click to start listening
असम एयरफोर्स स्टेशन से गिरफ्तार किया गया पाकिस्तानी जासूस, 2023 से दे रहा था जानकारी

सारांश

डिब्रूगढ़ में वायुसेना और इंटेलिजेंस टीम ने एक कर्मचारी को पाकिस्तान की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। सुमित कुमार, जो एयरफोर्स में कार्यरत था, 2023 से गोपनीय जानकारी साझा कर रहा था।

Key Takeaways

  • सुमित कुमार ने वायुसेना की संवेदनशील जानकारियां साझा की।
  • वह 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था।
  • गिरफ्तारी राजस्थान इंटेलिजेंस और वायुसेना के संयुक्त अभियान में हुई।
  • उसे गोपनीयता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।
  • जांच जारी है, और जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा रहा है।

डिब्रूगढ़, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वायुसेना और राजस्थान इंटेलिजेंस की टीम ने असम स्थित वायुसेना अड्डे पर तैनात एक कर्मचारी को पाकिस्तान की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुमित कुमार (36) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के लाहुरपार का निवासी है और एयरफोर्स स्टेशन में एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) के पद पर कार्यरत था।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया विभाग) प्रफुल्ल कुमार के अनुसार, सुमित कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां एकत्रित कीं और इन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाया। जांच में पता चला है कि वह 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था और पैसे के बदले गोपनीय सूचनाएं साझा कर रहा था।

इस मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में राजस्थान के जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी से हुई। उसकी पूछताछ के दौरान सुमित कुमार का नाम सामने आया। इसके बाद, राजस्थान इंटेलिजेंस ने वायुसेना के खुफिया विभाग, नई दिल्ली के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को छबुआ से हिरासत में लिया।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने न केवल छबुआ एयरफोर्स स्टेशन बल्कि बीकानेर जिले के नाल एयरफोर्स स्टेशन सहित अन्य सैन्य ठिकानों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इनमें लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों व कर्मचारियों से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, वह अपने मोबाइल नंबरों के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी मदद करता था।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को राजस्थान खुफिया विभाग और वायु सेना खुफिया विभाग के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह 2023 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में था और पैसे के बदले गोपनीय जानकारी साझा कर रहा था। पुलिस ने इस संबंध में गोपनीयता अधिनियम, 1923 और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। व्यापक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।

फिलहाल, आरोपी के खिलाफ गोपनीयता अधिनियम, 1923 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में व्यापक जासूसी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जांच एजेंसियां लगातार छानबीन कर रही हैं।

-- राष्ट्र प्रेस

एसएके/पीएम

Point of View

बल्कि यह भी दर्शाती है कि हमारे देश में जासूसी गतिविधियों का स्तर कितना गंभीर है। सभी संबंधित एजेंसियों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

सुमित कुमार कौन है?
सुमित कुमार एक 36 वर्षीय कर्मचारी है, जो असम के एयरफोर्स स्टेशन में एमटीएस के पद पर कार्यरत था।
उसे कब गिरफ्तार किया गया?
उसे 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
उसने किस प्रकार की जानकारी साझा की?
उसने वायुसेना से संबंधित संवेदनशील जानकारियां जैसे लड़ाकू विमानों की लोकेशन और मिसाइल सिस्टम साझा की।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की गई है?
पुलिस ने गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत मामला दर्ज किया है और जांच जारी है।
क्या अन्य लोग भी शामिल हैं?
जांच एजेंसियां अन्य संभावित जासूसों की पहचान के लिए छानबीन कर रही हैं।
Nation Press