खुदीराम बोस की पुण्यतिथि: CM योगी, रेखा गुप्ता, भजनलाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
11 अगस्त 2025 को भारत के महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। खुदीराम बोस को 11 अगस्त 1908 को मात्र 18 वर्ष की आयु में मुजफ्फरपुर जेल में अंग्रेजों ने फाँसी दी थी — और वे हँसते-हँसते शहादत को गले लगाने वाले भारत के सबसे युवा क्रांतिकारियों में गिने जाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मां भारती के वीर सपूत, महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि की मुक्ति के महायज्ञ में मात्र 18 वर्ष की अल्पायु में स्वयं को समर्पित कर उन्होंने संपूर्ण देश को अंग्रेजों के विरुद्ध जागृत किया। उनका त्याग, तेज और तप प्रत्येक भारतीय को 'राष्ट्र प्रथम' के पथ पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।'
दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के संदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'मां भारती की स्वतंत्रता के लिए मात्र 18 वर्ष की आयु में अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले अमर क्रांतिकारी खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धापूर्वक नमन। अद्भुत साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान से उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की चेतना को नई शक्ति दी।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अमर युवा क्रांतिकारी, अदम्य साहस एवं राष्ट्रभक्ति के प्रतीक खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन! मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अल्पायु में दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हम सभी को सदैव राष्ट्रसेवा एवं देशभक्ति के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता रहेगा।'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, 'अदम्य शौर्य एवं साहस के प्रतीक, देश की आजादी के लिए अल्पायु में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानी खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर कोटिशः नमन। आपकी जीवनगाथा हमें सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री का नमन
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा, 'मां भारती की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले अमर शहीद खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन। अल्पायु में ही देश की आजादी के लिए अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देने वाले खुदीराम बोस जी का त्याग और राष्ट्रभक्ति सदैव देशवासियों को प्रेरणा देती रहेगी।'
खुदीराम बोस: एक अमर बलिदान की गाथा
गौरतलब है कि खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर 1889 को बंगाल में हुआ था। वे किंग्सफोर्ड पर बम फेंकने की घटना में शामिल थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर मुजफ्फरपुर जेल में 11 अगस्त 1908 को फाँसी दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश क्रांतिकारियों को स्मरण कर रहा है। उनका बलिदान आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।