11 अगस्त 2026
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खुदीराम बोस की पुण्यतिथि: CM योगी, रेखा गुप्ता, भजनलाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

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खुदीराम बोस की पुण्यतिथि: CM योगी, रेखा गुप्ता, भजनलाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

सारांश

11 अगस्त 1908 को मात्र 18 वर्ष की आयु में मुजफ्फरपुर जेल में फाँसी चढ़ने वाले अमर क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर CM योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, भजनलाल शर्मा, पुष्कर सिंह धामी और नायब सैनी ने एक्स पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य बातें

11 अगस्त 2025 को खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर पाँच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धांजलि दी।
CM योगी आदित्यनाथ , रेखा गुप्ता , भजनलाल शर्मा , पुष्कर सिंह धामी और नायब सैनी ने एक्स पर पोस्ट किए।
खुदीराम बोस को 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर जेल में 18 वर्ष की आयु में फाँसी दी गई थी।
वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे युवा क्रांतिकारी शहीदों में गिने जाते हैं।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यह श्रद्धांजलि देशभर में क्रांतिकारियों के स्मरण की व्यापक परंपरा का हिस्सा है।

11 अगस्त 2025 को भारत के महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। खुदीराम बोस को 11 अगस्त 1908 को मात्र 18 वर्ष की आयु में मुजफ्फरपुर जेल में अंग्रेजों ने फाँसी दी थी — और वे हँसते-हँसते शहादत को गले लगाने वाले भारत के सबसे युवा क्रांतिकारियों में गिने जाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मां भारती के वीर सपूत, महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि की मुक्ति के महायज्ञ में मात्र 18 वर्ष की अल्पायु में स्वयं को समर्पित कर उन्होंने संपूर्ण देश को अंग्रेजों के विरुद्ध जागृत किया। उनका त्याग, तेज और तप प्रत्येक भारतीय को 'राष्ट्र प्रथम' के पथ पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।'

दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के संदेश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'मां भारती की स्वतंत्रता के लिए मात्र 18 वर्ष की आयु में अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले अमर क्रांतिकारी खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धापूर्वक नमन। अद्भुत साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान से उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की चेतना को नई शक्ति दी।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अमर युवा क्रांतिकारी, अदम्य साहस एवं राष्ट्रभक्ति के प्रतीक खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन! मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अल्पायु में दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान हम सभी को सदैव राष्ट्रसेवा एवं देशभक्ति के पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता रहेगा।'

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, 'अदम्य शौर्य एवं साहस के प्रतीक, देश की आजादी के लिए अल्पायु में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानी खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर कोटिशः नमन। आपकी जीवनगाथा हमें सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।'

हरियाणा के मुख्यमंत्री का नमन

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा, 'मां भारती की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले अमर शहीद खुदीराम बोस जी के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन। अल्पायु में ही देश की आजादी के लिए अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देने वाले खुदीराम बोस जी का त्याग और राष्ट्रभक्ति सदैव देशवासियों को प्रेरणा देती रहेगी।'

खुदीराम बोस: एक अमर बलिदान की गाथा

गौरतलब है कि खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर 1889 को बंगाल में हुआ था। वे किंग्सफोर्ड पर बम फेंकने की घटना में शामिल थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर मुजफ्फरपुर जेल में 11 अगस्त 1908 को फाँसी दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश क्रांतिकारियों को स्मरण कर रहा है। उनका बलिदान आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 'राष्ट्र प्रथम' की भाषा को अपनी पहचान से जोड़ते हैं — ठीक वही शब्द जो CM योगी ने अपने पोस्ट में इस्तेमाल किए। असली सवाल यह है कि क्या इन श्रद्धांजलियों के साथ क्रांतिकारी इतिहास को पाठ्यक्रम और सार्वजनिक स्मृति में उचित स्थान दिलाने की ठोस पहल भी होती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खुदीराम बोस कौन थे और उन्हें क्यों फाँसी दी गई?
खुदीराम बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के युवा क्रांतिकारी थे, जिन्हें 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर जेल में फाँसी दी गई। वे किंग्सफोर्ड पर बम हमले की घटना में शामिल थे और फाँसी के समय उनकी आयु मात्र 18 वर्ष थी।
खुदीराम बोस की पुण्यतिथि कब मनाई जाती है?
खुदीराम बोस की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 11 अगस्त को मनाई जाती है। इसी दिन 1908 में उन्हें अंग्रेजी हुकूमत ने मुजफ्फरपुर जेल में फाँसी दी थी।
2025 में किन मुख्यमंत्रियों ने खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि दी?
2025 में उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की CM रेखा गुप्ता, राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी और हरियाणा के CM नायब सैनी ने एक्स पर पोस्ट कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
खुदीराम बोस को भारत का सबसे युवा शहीद क्यों कहा जाता है?
खुदीराम बोस को स्वतंत्रता संग्राम के सबसे युवा शहीदों में गिना जाता है क्योंकि फाँसी के समय उनकी आयु केवल 18 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में देश के लिए प्राण न्योछावर करने के कारण वे पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
खुदीराम बोस की पुण्यतिथि का स्वतंत्रता दिवस से क्या संबंध है?
खुदीराम बोस की पुण्यतिथि 11 अगस्त को आती है, जो स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से ठीक चार दिन पहले है। इस कारण इस सप्ताह को देशभर में क्रांतिकारियों और शहीदों के स्मरण के रूप में मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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