क्या मुर्शिदाबाद में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में दो युवक गिरफ्तार हुए?

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क्या मुर्शिदाबाद में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में दो युवक गिरफ्तार हुए?

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में दो युवकों की गिरफ्तारी ने जासूसी के एक नए मामले को उजागर किया है। क्या ये युवक पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे? जानिए पूरी कहानी में क्या-क्या हुआ।

Key Takeaways

  • जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी
  • पुलिस ने बरामद किए मोबाइल फोन और सिम कार्ड
  • आरोपियों के पास से मिले वन-टाइम पासवर्ड
  • जांच में शामिल अन्य संभावित सार्वजनिक लोग
  • राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव

कोलकाता, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से दो युवकों को पाकिस्तान के लिए कथित रूप से जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

इन दोनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया। उनके पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, एक आरोपी, जुहाब शेख, जो मुर्शिदाबाद का निवासी है, को कुछ दिन पहले निगरानी के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के चलते गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में जांचकर्ताओं को उसके पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर्स से संबंधों के संकेत मिले।

पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर दूसरे युवक, सुमन शेख, को शनिवार को मुर्शिदाबाद के बहारामपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी सिम कार्ड बेचने का कारोबार करते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अनजान लोगों के पहचान पत्रों का उपयोग कर सिम कार्ड प्राप्त करते थे और उन नंबरों से व्हाट्सऐप अकाउंट बनाते थे। सत्यापन के दौरान आने वाले वन-टाइम पासवर्ड वे कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स को भेज देते थे, जिससे उन अकाउंट्स को दूर से नियंत्रित किया जा सके।

जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों द्वारा इस तरह कम से कम सात बार ओटीपी दिए जाने की आशंका है। इसके बदले उन्हें मोटी रकम मिली, जो उनके बैंक खातों में जमा हैं।

अधिकारियों को संदेह है कि इन सिम कार्डों से बनाए गए अकाउंट्स का उपयोग पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव्स द्वारा भारत में लोगों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए किया गया हो सकता है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इन अकाउंट्स के माध्यम से कोई संवेदनशील जानकारी हासिल या प्रसारित की गई और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे।

एसटीएफ की साइबर टीम ने इस कथित नेटवर्क की पहचान करने और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अधिकारियों ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में ओटीपी डायवर्जन और सिम कार्ड के अवैध उपयोग से जुड़े मामलों को लेकर केंद्रीय खुफिया एजेंसियां पहले भी सतर्क कर चुकी हैं। यह भी जांच की जा रही है कि गिरफ्तार युवकों के किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन या उग्रवादी समूह से संबंध तो नहीं हैं। मामले की आगे जांच जारी है।

Point of View

मेरा मानना है कि देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले ऐसे मामले गंभीर हैं। हमें हमेशा अपने देश की सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए और ऐसे मामलों की जांच को गंभीरता से लेना चाहिए।
NationPress
23/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या यह मामला गंभीर है?
हाँ, यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
आरोपी कौन हैं?
आरोपी जुहाब शेख और सुमन शेख हैं, जो मुर्शिदाबाद के निवासी हैं।
क्या पुलिस ने कोई सबूत जुटाए हैं?
जी हाँ, पुलिस ने कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं।
क्या इस मामले में अन्य लोग शामिल हैं?
जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य लोग भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।
क्या इस मामले में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन का संबंध है?
यह भी जांच की जा रही है कि क्या गिरफ्तार युवकों का किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से संबंध है।
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