शी चिनफिंग का निर्देश: राष्ट्रीय पुनरुत्थान के लिए प्रवासी चीनियों की शक्ति एकजुट करें
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 28 जुलाई 2026 को प्रवासी चीनी मामलों पर आयोजित राष्ट्रीय कार्य सम्मेलन में अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि शक्तिशाली राष्ट्र के निर्माण और महान राष्ट्रीय पुनरुत्थान के लक्ष्य को पाने के लिए विश्वभर में बसे प्रवासी चीनियों की सामूहिक शक्ति को प्रभावी ढंग से एकत्र किया जाना चाहिए। यह सम्मेलन 27 से 28 जुलाई तक बीजिंग में आयोजित हुआ, जहाँ शी के इस निर्देश को औपचारिक रूप से पढ़कर सुनाया गया।
मुख्य निर्देश और उनका संदर्भ
शी चिनफिंग ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से प्रवासी चीनी मामलों से जुड़े विभागों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। उनके अनुसार, इन विभागों ने विदेशों में बसे प्रवासी चीनियों, स्वदेश लौटे प्रवासियों और उनके परिजनों को एकजुट कर राष्ट्रीय आर्थिक एवं सामाजिक विकास में बड़ा योगदान दिया है।
साथ ही, चीनी संस्कृति के संरक्षण और प्रसार तथा चीन एवं अन्य देशों के बीच आदान-प्रदान व सहयोग बढ़ाने में भी इन विभागों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
नए अभियान की रूपरेखा
शी ने नए अभियान के लिए स्पष्ट दिशा निर्धारित करते हुए कहा कि नए युग में चीनी विशेषता वाली समाजवादी विचारधारा के मार्गदर्शन में पार्टी की प्रवासी चीनी नीति को चौतरफा तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने पार्टी और देश के समग्र कार्यों को केंद्र में रखते हुए देश-विदेश के चीनियों के एकतापूर्ण संघर्ष को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपनी वैश्विक कूटनीतिक और आर्थिक उपस्थिति को व्यापक बनाने की कोशिश में है, और प्रवासी चीनी समुदाय इस रणनीति में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखे जा रहे हैं।
प्रवासी चीनियों की भूमिका और महत्व
गौरतलब है कि विश्वभर में करोड़ों की संख्या में प्रवासी चीनी बसे हुए हैं, जो व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सांस्कृतिक कूटनीति के क्षेत्रों में सक्रिय हैं। चीनी नेतृत्व इस समुदाय को 'चीनी आधुनिकीकरण' की परियोजना में एक अनिवार्य संसाधन मानता है।
आलोचकों का कहना है कि इस तरह के निर्देश प्रवासी चीनियों पर राष्ट्रीय एजेंडे के साथ जुड़ने का अप्रत्यक्ष दबाव डालते हैं, जो उनके मेज़बान देशों के साथ संबंधों को जटिल बना सकता है।
आगे क्या होगा
राष्ट्रीय कार्य सम्मेलन में लिए गए निर्णयों के आधार पर प्रवासी चीनी मामलों के विभाग अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को नए सिरे से तैयार करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभियान चीन की 'सॉफ्ट पावर' रणनीति का विस्तार है, जिसके तहत प्रवासी नेटवर्क को आर्थिक और सांस्कृतिक दोनों मोर्चों पर सक्रिय किया जाएगा।