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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 17 अगस्त से नई दिल्ली में, तृप्ति मुरगुंडे बोलीं — युवा शटलर्स को मिलेगा सुनहरा मंच

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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 17 अगस्त से नई दिल्ली में, तृप्ति मुरगुंडे बोलीं — युवा शटलर्स को मिलेगा सुनहरा मंच

सारांश

17 साल बाद BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप फिर भारत में — इस बार नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में 17-23 अगस्त तक। पूर्व खिलाड़ी तृप्ति मुरगुंडे का कहना है कि घरेलू मैदान पर यह आयोजन नई पीढ़ी के शटलर्स के लिए करियर बदलने वाला मंच साबित हो सकता है।

मुख्य बातें

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 का आयोजन 17 से 23 अगस्त तक इंदिरा गांधी स्टेडियम, नई दिल्ली में होगा।
भारत 17 साल बाद दूसरी बार इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है; इससे पहले 2009 में हैदराबाद में आयोजन हुआ था।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2006 की मेडलिस्ट तृप्ति मुरगुंडे ने कहा कि पिछले 8-10 वर्षों में भारतीय खेलों का प्रदर्शन शानदार रहा है।
मुरगुंडे के अनुसार, घरेलू मैदान पर खेलने से युवा भारतीय शटलर्स को दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव मिलेगा।
मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में सरकार सभी खेलों में अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को भारत लाने के लिए सक्रिय है।

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 का आगाज़ 17 अगस्त से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने जा रहा है, और भारत की पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुरगुंडे इस आयोजन को देश के खेल इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत मानती हैं। 17 साल के अंतराल के बाद भारत दूसरी बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है — इससे पहले 2009 में हैदराबाद में यह चैंपियनशिप आयोजित हुई थी।

मुख्य घटनाक्रम

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 17 से 23 अगस्त के बीच इंदिरा गांधी स्टेडियम, नई दिल्ली में खेली जाएगी। यह टूर्नामेंट बैडमिंटन की दुनिया का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन माना जाता है, जिसमें विश्वभर के शीर्ष शटलर्स हिस्सा लेते हैं। भारत के लिए यह मेजबानी दोहरे महत्व की है — एक ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की खेल-आयोजन क्षमता का प्रदर्शन, और दूसरी ओर घरेलू खिलाड़ियों को अपने दर्शकों के सामने प्रदर्शन का अवसर।

तृप्ति मुरगुंडे की प्रतिक्रिया

कॉमनवेल्थ गेम्स 2006 की मेडलिस्ट और 2009 के हैदराबाद संस्करण में हिस्सा ले चुकीं तृप्ति मुरगुंडे ने कहा, 'समूचे भारतीय खेल जगत के लिए काफी गर्व की बात है कि हमें 17 साल बाद फिर से इसकी मेजबानी मिली है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पिछले 8 से 10 वर्षों में भारतीय खेलों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुआ है और देश ने अनेक अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफलतापूर्वक मेजबानी की है।

मुरगुंडे ने खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सभी खेलों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को भारत लाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है। यह बयान उस व्यापक नीतिगत रुझान की ओर इशारा करता है जिसके तहत भारत खुद को एक वैश्विक खेल-आयोजन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है।

युवा खिलाड़ियों पर असर

मुरगुंडे का मानना है कि घरेलू मैदान पर वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन भारतीय शटलर्स की नई पीढ़ी के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह सबसे बेहतरीन प्लेटफॉर्म है, क्योंकि उन्हें अपने होम ग्राउंड पर अपना हुनर और प्रदर्शन दिखाने का शानदार मौका मिल रहा है।' दिल्ली में भारत अनुभवी और उभरते खिलाड़ियों की मिली-जुली टीम उतारने की तैयारी में है।

गौरतलब है कि घरेलू दर्शकों का समर्थन खिलाड़ियों के मनोबल पर गहरा प्रभाव डालता है। मुरगुंडे ने इंडिया ओपन जैसे घरेलू आयोजनों का उदाहरण देते हुए कहा, 'जब आप अपने होम ग्राउंड पर खेलते हैं, तो माहौल बिल्कुल अलग होता है।' उनके अनुसार, इस तरह के आयोजनों का सकारात्मक प्रभाव युवा पीढ़ी पर लंबे समय तक बना रहता है।

ऐतिहासिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने हाल के वर्षों में बैडमिंटन में उल्लेखनीय ऊँचाइयाँ हासिल की हैं — पीवी सिंधु के विश्व चैंपियनशिप पदक और लक्ष्य सेन जैसे युवा खिलाड़ियों के उभरने से भारतीय बैडमिंटन का वैश्विक कद बढ़ा है। 2009 के हैदराबाद संस्करण के बाद से भारत की बैडमिंटन अकादमियों और बुनियादी ढाँचे में भी व्यापक विस्तार हुआ है।

क्या होगा आगे

23 अगस्त तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में विश्व के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी एकल, युगल और मिश्रित युगल वर्गों में खिताब के लिए भिड़ेंगे। भारतीय दल का प्रदर्शन न केवल पदक तालिका में, बल्कि आने वाले वर्षों में देश के बैडमिंटन इकोसिस्टम को दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि खेल कूटनीति का हिस्सा है — लेकिन असली कसौटी मेजबानी नहीं, पदक तालिका होगी। पिछले एक दशक में भारत ने बैडमिंटन में वैश्विक पहचान बनाई है, पर विश्व चैंपियनशिप का एकल स्वर्ण अभी भी अधूरा सपना है। घरेलू दर्शक और परिचित माहौल युवा खिलाड़ियों के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त ज़रूर देते हैं, पर यह बढ़त तभी सार्थक होगी जब प्रदर्शन ठोस नतीजों में बदले। यह टूर्नामेंट भारतीय बैडमिंटन की अगली पीढ़ी के लिए एक परीक्षा भी है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 कहाँ और कब होगी?
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में 17 से 23 अगस्त तक आयोजित होगी। यह भारत में इस टूर्नामेंट का दूसरा संस्करण है।
भारत ने इससे पहले BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी कब की थी?
भारत ने पहली बार 2009 में हैदराबाद में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी की थी। 17 साल के अंतराल के बाद यह आयोजन अब नई दिल्ली में हो रहा है।
तृप्ति मुरगुंडे कौन हैं और उन्होंने इस आयोजन पर क्या कहा?
तृप्ति मुरगुंडे भारत की पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी और कॉमनवेल्थ गेम्स 2006 की मेडलिस्ट हैं, जिन्होंने 2009 के हैदराबाद संस्करण में भी हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि घरेलू मैदान पर यह टूर्नामेंट युवा शटलर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ मंच है और इसका सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक रहेगा।
इस टूर्नामेंट से भारतीय युवा खिलाड़ियों को क्या फायदा होगा?
घरेलू दर्शकों के सामने और परिचित माहौल में खेलने से युवा भारतीय शटलर्स का मनोबल बढ़ता है। तृप्ति मुरगुंडे के अनुसार, इस तरह के बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन भारत में होने से देश के खेल इकोसिस्टम पर गहरा और दीर्घकालिक सकारात्मक असर पड़ता है।
भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को लेकर क्या रुख रखती है?
खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि सरकार सभी खेलों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को भारत लाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह नीति भारत को वैश्विक खेल-आयोजन केंद्र बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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