20 अगस्त 2026
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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: थॉमस लुंड ने इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के कायाकल्प को सराहा

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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: थॉमस लुंड ने इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के कायाकल्प को सराहा

सारांश

छह महीने पहले बंदर, पक्षियों की बीट और प्रदूषण के विवादों से घिरा इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अब BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है — और खुद BWF सेक्रेटरी जनरल थॉमस लुंड ने इस कायाकल्प को 'सचमुच प्रभावशाली' बताया है।

मुख्य बातें

BWF के सेक्रेटरी जनरल थॉमस लुंड ने 20 अगस्त 2026 को इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के नवीनीकरण की प्रशंसा की।
17 साल के अंतराल के बाद BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप भारत में आयोजित हो रही है।
इस साल की शुरुआत में BWF इंडिया ओपन सुपर 750 के दौरान वेन्यू साफ-सफाई, प्रदूषण, बंदर और पक्षियों की बीट के विवादों में घिरा था।
आयोजकों ने पक्षी-नियंत्रण उपाय और 'मंकी व्हिस्परर्स' की सेवाएँ लेकर समस्याओं का समाधान किया।
लुंड ने बताया कि पहले चिंता जताने वाले खिलाड़ियों सहित सभी एथलीटों का फीडबैक इस बार सकारात्मक रहा है।

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के सेक्रेटरी जनरल थॉमस लुंड ने 20 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हो रही BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप की सुविधाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कम समय में वेन्यू में जो बदलाव किए गए हैं, वे वाकई प्रभावशाली हैं — खासकर तब, जब महज छह महीने पहले यही परिसर गंभीर विवादों के केंद्र में था।

छह महीने पहले का विवाद

इस साल की शुरुआत में BWF इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट के दौरान इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स कई कारणों से सुर्खियों में आया था। खेलने और अभ्यास करने की जगहों की दयनीय हालत तथा नई दिल्ली के प्रदूषण स्तर को लेकर तीखी आलोचना हुई थी। एक शीर्ष-रैंक खिलाड़ी ने इन्हीं मुद्दों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से दूरी बनाई थी, जबकि कई अन्य प्रतिभागियों ने साफ-सफाई पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी।

स्थिति तब और विचित्र हो गई जब मुख्य एरिना की स्टैंड्स पर एक बंदर देखा गया। इससे भी बड़ी शर्मिंदगी तब हुई जब भारत के एचएस प्रणय और सिंगापुर के लोह कीन यू के बीच पुरुष एकल मैच को दो बार रोकना पड़ा — कारण था कोर्ट पर पक्षियों की बीट गिरना।

आयोजकों ने उठाए ठोस कदम

17 साल के अंतराल के बाद BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के भारत लौटने पर आयोजकों ने पिछली गलतियाँ दोहराने से बचने के लिए व्यापक तैयारी की। पक्षियों को परिसर से दूर रखने के विशेष उपाय किए गए और बंदरों को नियंत्रित करने के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों — जिन्हें 'मंकी व्हिस्परर्स' कहा जाता है — की सेवाएँ ली गईं। बैडमिंटन इंडिया और सरकारी एजेंसियों ने मिलकर परिसर का व्यापक नवीनीकरण कराया।

थॉमस लुंड का बयान

पत्रकारों से बातचीत में थॉमस लुंड ने कहा, 'हमारी एक टीम काफी समय से यहाँ स्थानीय संगठन, बैडमिंटन इंडिया और इससे जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं इस वेन्यू पर जो कुछ भी तैयार किया गया है, उसे देखकर बहुत प्रभावित हूँ। मुझे पता है कि साल की शुरुआत में कुछ आलोचना हुई थी, लेकिन इतने कम समय में अपग्रेडिंग के मामले में जो काम किए गए हैं, उनमें से कुछ तो बहुत महत्वपूर्ण थे।'

उन्होंने बैडमिंटन इंडिया, सरकार और सभी संबंधित पक्षों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने मिलकर वेन्यू और परिचालन की बारीकियों पर ध्यान दिया और इसे सही ढंग से करने में सफलता पाई।

खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक

BWF अधिकारी ने बताया कि इस बार हिस्सा लेने वाले एथलीटों — जिनमें वे भी शामिल हैं जिन्होंने पहले चिंताएँ जताई थीं — का फीडबैक बेहद सकारात्मक रहा है। लुंड ने कहा, 'मैंने खिलाड़ियों और उन सभी लोगों से बहुत अच्छा फीडबैक सुना है जो साल की शुरुआत में यहाँ आए थे और जिनकी अलग-अलग चिंताएँ थीं।'

कोर्ट पर खेल पर ध्यान केंद्रित करने की अपील

टूर्नामेंट के निर्णायक चरण में पहुँचने पर थॉमस लुंड ने प्रशंसकों और मीडिया से अपील की कि अब सारा ध्यान कोर्ट पर होने वाले खेल पर केंद्रित किया जाए। उन्होंने अब तक के मैचों की गुणवत्ता और अप्रत्याशित नतीजों की सराहना करते हुए कहा, 'हमने शानदार मैच देखे हैं। कुछ मैच — जिनके बारे में अंदाजा था कि वे कड़े मुकाबले नहीं होंगे — वे भी बहुत दिलचस्प रहे। कुछ चौंकाने वाले नतीजे भी सामने आए।'

लुंड ने स्पष्ट किया कि जहाँ तक परिचालन और बुनियादी ढाँचे का सवाल है, भारतीय आयोजकों ने सराहनीय काम किया है। आने वाले दिनों में फाइनल तक बैडमिंटन प्रेमियों को उच्च स्तरीय खेल देखने को मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि यह सुधार तब आया जब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख दाँव पर लगी थी — बिना विवाद के शायद यह नवीनीकरण इतनी तेजी से नहीं होता। असली सवाल यह है कि क्या यह बदलाव टिकाऊ है या सिर्फ एक बड़े आयोजन के लिए की गई अस्थायी चमक-धमक। भारत जैसे-जैसे अधिक वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी की ओर बढ़ रहा है, वेन्यू प्रबंधन और बुनियादी ढाँचे के रखरखाव को एक स्थायी प्रणाली के रूप में विकसित करना अनिवार्य है — न कि हर बार आलोचना के बाद आपातकालीन सुधार।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 कहाँ आयोजित हो रही है?
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित हो रही है। यह 17 साल के अंतराल के बाद भारत में लौटी है।
BWF इंडिया ओपन 2026 में इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को लेकर क्या विवाद हुआ था?
इस साल की शुरुआत में BWF इंडिया ओपन सुपर 750 के दौरान वेन्यू की साफ-सफाई, नई दिल्ली का प्रदूषण, मुख्य एरिना में बंदर की मौजूदगी और कोर्ट पर पक्षियों की बीट गिरने से मैच रोकने की घटनाएँ विवाद का कारण बनी थीं। एक शीर्ष-रैंक खिलाड़ी ने इन्हीं कारणों से टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था।
आयोजकों ने वेन्यू की समस्याओं को कैसे सुधारा?
आयोजकों ने पक्षियों को परिसर से दूर रखने के विशेष उपाय किए और बंदरों को नियंत्रित करने के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों ('मंकी व्हिस्परर्स') की सेवाएँ लीं। बैडमिंटन इंडिया और सरकारी एजेंसियों ने मिलकर परिसर का व्यापक नवीनीकरण कराया।
थॉमस लुंड ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के मैचों के बारे में क्या कहा?
BWF सेक्रेटरी जनरल थॉमस लुंड ने कहा कि अब तक के मैच बेहद उच्च गुणवत्ता के रहे हैं और कुछ अप्रत्याशित नतीजे भी सामने आए हैं। उन्होंने प्रशंसकों और मीडिया से अपील की कि फाइनल तक सारा ध्यान कोर्ट पर होने वाले खेल पर केंद्रित रखें।
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप इससे पहले भारत में कब हुई थी?
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप इससे पहले 17 साल पहले भारत में आयोजित हुई थी। 2026 में नई दिल्ली में इसका आयोजन एक लंबे अंतराल के बाद भारत की वैश्विक बैडमिंटन मंच पर वापसी है।
राष्ट्र प्रेस
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