बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप 2026: दुनिया भर से सराहना, बीएआई महासचिव संजय मिश्रा बोले — 'एक भी नकारात्मक संदेश नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप 2026 का नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 24 अगस्त 2026 को सफल समापन हुआ। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) के महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि आयोजन को लेकर दुनिया भर से केवल सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ मिली हैं। त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की ऐतिहासिक कांस्य पदक जीत ने घरेलू दर्शकों में उत्साह की नई लहर पैदा की।
मुख्य घटनाक्रम
17 वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद भारत को इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेज़बानी मिली, और बीएआई ने इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया। संजय मिश्रा ने कहा, 'हाँ, हमने यह कर दिखाया। सभी खिलाड़ी खुश हैं।' उन्होंने बताया कि बीडब्ल्यूएफ सदस्यों ने उन्हें जानकारी दी कि दुनिया भर से संदेश आ रहे हैं और सभी संदेश सकारात्मक हैं — कोई नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
मिया ब्लिचफेल्ट का ट्वीट — बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण
मिश्रा ने डेनमार्क की शटलर मिया ब्लिचफेल्ट का उदाहरण विशेष रूप से दिया। ब्लिचफेल्ट ने इस वर्ष की शुरुआत में ₹9.5 लाख डॉलर की इनामी राशि वाले इंडिया ओपन के दौरान आयोजन और खेलने की परिस्थितियों की दूसरी बार आलोचना की थी — इससे पहले उन्होंने पिछले साल भी आयोजन स्थल की स्थिति पर सवाल उठाए थे।
मिश्रा ने कहा, 'सबसे बड़ा उदाहरण मिया ब्लिचफेल्ट हैं, जो पिछली बार आलोचनात्मक रुख में थीं। इस बार सबसे पहले उन्होंने ही ट्वीट करके हमारे प्रयासों की सराहना की। सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अधिकारी और बीडब्ल्यूएफ के सदस्य भी आयोजन से काफी प्रभावित हुए।'
बीडब्ल्यूएफ अध्यक्ष की सराहना
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) की अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीस्वाडत्रकुल ने रविवार को भारत के बैडमिंटन प्रेमियों और मेज़बानी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। एक आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा, 'मुझे भारत के प्रशंसकों पर गर्व है, जो इस खेल को अच्छी तरह समझते हैं और पूरे ज्ञान के साथ खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं। मुझे उस देश पर भी गर्व है जिसने दुनिया का खुले दिल से स्वागत किया।'
पटामा ने यह भी कहा, 'नई दिल्ली ने हमें एक शानदार सप्ताह दिया। भारत ने इस पल के लिए 17 साल इंतज़ार किया और इस इंतज़ार को सार्थक बना दिया। बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2026 को खेल जगत के हर कोने से सराहना मिली है।'
बीएआई की विशेष तैयारियाँ
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में इंडिया ओपन के आयोजन को लेकर बीएआई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। विश्व चैंपियनशिप के लिए संगठन ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम को उन्नत करने के लिए विशेष प्रयास किए। राजधानी में पूर्व खेल आयोजनों के दौरान सामने आई बंदरों की समस्या को देखते हुए विशेष 'मंकी व्हिस्परर्स' की भी नियुक्ति की गई।
कुछ दिन पहले बीडब्ल्यूएफ के महासचिव थॉमस लुंड ने भी इंदिरा गांधी खेल परिसर की सुविधाओं और प्रतियोगिता के लिए तैयार किए गए माहौल की प्रशंसा की थी। उन्होंने पहले की विवादित परिस्थितियों के बाद स्टेडियम में हुए सकारात्मक बदलावों पर संतोष व्यक्त किया था।
आगे की राह
इस सफल आयोजन ने भारत को वैश्विक बैडमिंटन मानचित्र पर एक विश्वसनीय मेज़बान के रूप में पुनः स्थापित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब बीएआई भविष्य में और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की बोली लगाने की तैयारी में है। त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की कांस्य पदक जीत ने यह भी संकेत दिया है कि भारतीय बैडमिंटन मेज़बानी और प्रदर्शन — दोनों मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है।