मानखुर्द चॉल हादसा: 6 मौतें, मंत्री गिरीश महाजन ने जांच के दिए आदेश; विपक्ष ने दोषियों पर कार्रवाई माँगी
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के पूर्वी उपनगर मानखुर्द के जनता नगर में 6 जुलाई को भारी मानसूनी बारिश के दौरान एक तीन मंजिला चॉल ढह गई, जिसमें पाँच बच्चों और एक महिला सहित छह लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र के जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जाँच के आदेश दिए, जबकि विपक्ष ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।
हादसे का घटनाक्रम
जनता नगर की चॉल नंबर-5 में हनुमान मंदिर के निकट स्थित यह ढाँचा ग्राउंड फ्लोर के ऊपर तीन अतिरिक्त मंजिलों वाला था। जब यह इमारत गिरी, तो कई लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, नगर निगम के वार्ड अधिकारी और 108 एम्बुलेंस सेवाएँ युद्धस्तर पर घटनास्थल पर पहुँचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया।
मलबे से निकाले गए घायलों को नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया। 24 वर्षीय रेहान अली इस हादसे में घायल हुए और उनका उपचार जारी है।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गँवाने वाले सभी छह लोग एक ही परिवार के थे। मृतकों की पहचान आलिया (7 वर्ष), मुस्कान (14 वर्ष), निहाल (6 वर्ष), नाबिया (2 वर्ष), सोनी (32 वर्ष) और मुनाफ (7 वर्ष) के रूप में हुई है। इस परिवार पर टूटे इस कहर ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।
मंत्री गिरीश महाजन की प्रतिक्रिया
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन नासिक से सीधे घटनास्थल पहुँचे और स्थिति का जायज़ा लिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मानखुर्द के जनता नगर में हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद है। इस इलाके की गलियाँ बहुत संकरी हैं और घर एक-दूसरे के ऊपर खतरनाक तरीके से बने हुए हैं। जिन ढाँचों का आधार केवल 12 गुणा 12 फीट है, उन पर तीन अतिरिक्त मंजिलें खड़ी कर दी गई हैं। इनमें से अधिकांश निर्माण अवैध हैं।" उन्होंने आश्वासन दिया कि शहर की सभी खतरनाक और अवैध इमारतों की कड़ी जाँच शुरू की जाएगी।
सरकार की राहत घोषणा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर जानकारी दी कि सीएम फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बताया कि उन्होंने संबंधित नगर निगम अधिकारियों और पुलिस प्रशासन से व्यक्तिगत रूप से जानकारी ली है।
विपक्ष का आरोप और माँग
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस घटना को 'बेहद दर्दनाक' बताते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा, "हर मॉनसून सीजन में इमारतें गिरती हैं, सड़कें धँसती हैं, मैनहोल मौत का जाल बन जाते हैं, फिर भी सरकार और प्रशासन बेखबर रहते हैं। बेगुनाह लोगों की जान जाती है और फिर जाँच के आदेश जारी किए जाते हैं — यह रोज़ का काम बन गया है।"
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि ये मौतें महज़ एक हादसा नहीं, बल्कि मुंबई में पुरानी और जर्जर इमारतों की समय पर जाँच न होने और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं। गौरतलब है कि मुंबई में हर मानसून अवैध या जीर्ण-शीर्ण निर्माणों के ढहने की घटनाएँ सामने आती हैं, लेकिन व्यापक संरचनात्मक सुधार अब तक नहीं हो पाए हैं।
जाँच के नतीजे और अवैध निर्माणों पर की जाने वाली कार्रवाई आने वाले दिनों में इस हादसे की असली जवाबदेही तय करेगी।